‘मां बहन’ में कॉमेडी की खोज पर त्रिप्ती दिमरी: लोगों को हँसाना आसान नहीं

Rashtrabaan

    अभिनेत्री त्रिप्ती दिमरी, धरना दुर्गा और निर्देशक सुरेश त्रिवेणी की आगामी डार्क कॉमेडी फिल्म ‘मां बहन’ ने फिल्म प्रेमियों और कलाकारों दोनों के बीच काफी उत्सुकता पैदा कर दी है। इस फिल्म में हिंदी के ह्रदयस्थली के उन विभिन्न रंगों को उजागर किया गया है, जो आमतौर पर बड़े पर्दे पर कम ही देखने को मिलते हैं। त्रिप्ती दिमरी ने हाल ही में इस फिल्म के अनुभव और अपनी भूमिका के बारे में विस्तार से चर्चा की।

    त्रिप्ती ने बताया कि इस फिल्म में हृदयस्थली के हिंदी लहजे को पकड़ना उनके लिए चुनौतीपूर्ण था। उन्होंने कहा, “हमें भाषा की नाभि तक उतरना पड़ता है, ताकि वो भाव सच्चे लगें। कॉमेडी करना जितना दिखता है उतना आसान नहीं है, खासकर जब वह डार्क कॉमेडी हो। सीधे शब्दों में कहें तो लोगों को हँसाना वास्तव में एक कला है।”

    फिल्म ‘मां बहन’ की खासियत है इसका संवेदनशील विषयों को हास्य के माध्यम से पेश करना। त्रिप्ती ने बताया कि वह फिल्मों की पटकथा चुनती समय इस बात का ध्यान रखती हैं कि पटकथा में गहराई हो और संदेश भी प्रभावी ढंग से दिया गया हो। उन्होंने कहा, “मैं ऐसी स्क्रिप्ट चुनती हूं जो मुझे नया अनुभव दे, जहां मेरी भूमिका प्रभावशाली हो, और साथ ही दर्शकों को कुछ सोचने पर मजबूर करे।”

    इस फिल्म के निर्देशक सुरेश त्रिवेणी ने साझा किया कि उन्होंने कॉमेडी को एक नए नजरिए से प्रस्तुत करने की कोशिश की है। उन्होंने कहा, “डार्क कॉमेडी में भावनाओं की गहराई होती है, इसलिए इसे संतुलित करना महत्वपूर्ण होता है। हम चाहते हैं कि दर्शक न केवल हंसें, बल्कि सोचें भी।” धरना दुर्गा, जो इस फिल्म की एक अहम भूमिका में हैं, ने बताया कि पूरे सेट पर एक अच्छा तालमेल था, जो फिल्म की सफलता के लिए बहुत जरूरी है। उन्होंने कहा, “टैलेंट और मेहनत के साथ हम एक ऐसे प्रोजेक्ट का हिस्सा हैं जो हिंदी सिनेमा में नई दिशा देगा।” 

    ‘मां बहन’ में कथानक और पात्रों की जो विविधता दिखाई जाएगी, वह दर्शकों को एक अलग सिनेमाई अनुभव देगी। यह फिल्म न केवल कॉमेडी के तत्वों से भरपूर है, बल्कि सामाजिक विषयों पर भी चौकाना का काम करती है। त्रिप्ती दिमरी का अनुभव और उनकी भूमिका इस फिल्म का एक बड़ा आकर्षण साबित होगी। 

    फिल्म की शूटिंग के दौरान त्रिप्ती ने हृदयस्थली के लोगों से मिलने और उनके जीवन का अवलोकन करने पर भी जोर दिया ताकि वह अपने किरदार में पूरी तरह से धांस सकें। ऐसे हम अनगिनत कलाकारों और निर्देशकों को देखते हैं जो अपनी कला के प्रति समर्पित हों और दर्शकों को उच्च गुणवत्ता वाला मनोरंजन प्रदान करें।

    यकीनन, ‘मां बहन’ हिंदी सिनेमा में डार्क कॉमेडी की नई मिसाल कायम करेगा, जिसमें त्रिप्ती दिमरी का प्रदर्शन उसके केंद्र में होगा। यह फिल्म नागरिकों के जीवन से जुड़ी गहरी बातों को कॉमेडी के माध्यम से सहज तरीके से सामने लाने का साहस करती है।

    Source

    TAGGED:
    error: Content is protected !!