महाराष्ट्र MLC चुनाव: महायुति ने विधान परिषद के लिए 17 उम्मीदवारों की पूरी सूची जारी की

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    मुंबई में महाराष्ट्र के विधान परिषद चुनाव को लेकर महायुति गठबंधन ने अपने 17 उम्मीदवारों की घोषणा कर दी है। इस गठबंधन में भारतीय जनता पार्टी, शिवसेना और राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (अजित पवार गुट) शामिल हैं। उम्मीदवारों की यह सूची बुधवार को सार्वजनिक की गई, जो आगामी चुनाव में महायुति की मजबूती का संकेत देती है।

    महायुति ने नागपुर से डॉ. राजीव भास्करराव पोतदार, भंडारा-गोंदिया से अविनाश आनंदराव ब्राह्मणकर, वर्धा-चंद्रपुर-गढ़चिरौली से अरुण हनुमंत लखानी, अमरावती से प्रवीण रामचंद्र पोटे और सोलापुर से राजेंद्र विठ्ठल राजवत को मैदान में उतारा है। इसके अतिरिक्त अहमदनगर से प्राजक्त प्रसादराव तनपुरे, जलगांव से नंदकिशोर भागवत महाजन और सांगली-सातारा से धैर्यशील ज्ञानदेव कदम को भी उम्मीदवार बनाया गया है।

    सम्पूर्ण सूची में नांदेड़ से अमरनाथ अंतरराव राजूरकर, उस्मानाबाद-लातूर-बीड़ से बसवराज माधवराव पाटिल, औरंगाबाद-जालना से सुहास चंद्रकांत शिरसाट, ठाणे से रविंद्र सदानंद फाटक, यवतमाल से दुष्यंत सतीश चतुर्वेदी, परभणी-हिंगोली से सैयद गोरगुल खान, नासिक से नरेंद्र मिकाजी दराडे, रायगढ़-रत्नागири-सिंधुदुर्ग से अनिकेत सुनील तटकरे तथा पुणे से विक्रम संजय काकड़े शामिल हैं।

    महायुति ने मतदाताओं से अपील की है कि वे 18 जून को मतदान के दौरान उनके उम्मीदवारों को प्राथमिकता दें और उन्हें भारी मतों से विजयी बनाएं। इस चुनाव में स्थानीय स्वराज्य संस्थाओं के प्रतिनिधि ही वोट डालेंगे, जिन्हें महायुति नेताओं ने पूर्ण समर्थन का भरोसा दिया है।

    इस घोषणा पत्र पर भाजपा महाराष्ट्र प्रदेश अध्यक्ष रविंद्र चव्हाण, राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (अजित पवार गुट) के प्रदेश अध्यक्ष सुनील तटकरे और शिवसेना के सरचिटणीस राहुल शेवाले के हस्ताक्षर हैं। महायुति नेता इस चुनाव को अपने गठबंधन की शक्ति प्रदर्शन का अवसर मानते हैं और वे विकास और स्थिरता की प्राथमिकताओं के साथ जनता का समर्थन हासिल करने की रणनीति पर काम कर रहे हैं।

    विधान परिषद चुनाव के मद्देनजर सभी राजनीतिक दलों में जोश देखा जा रहा है। महायुति ने अपने सभी उम्मीदवारों को मजबूत बनाने के लिए प्रभावी रणनीतियां विकसित की हैं, ताकि वे आगामी चुनाव में सफलता प्राप्त कर सकें। यह चुनाव महाराष्ट्र के राजनीतिक परिदृश्य में महत्वपूर्ण माना जा रहा है और इसके परिणाम राज्य की राजनीतिक दिशा को प्रभावित करेंगे।

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