अफ्रीका के लेक चाड बेसिन में ISWAP कैसे बनी प्रमुख जिहादवादी ताकत

Rashtrabaan

    पश्चिम अफ्रीका में आतंकवादी हिंसा का स्वरूप हाल के वर्षों में काफी बदल गया है। इस क्षेत्र में इस्लामिक स्टेट वेस्ट अफ्रीका प्रोविंस (ISWAP) ने बोको हरम को पीछे छोड़ते हुए खुद को सबसे शक्तिशाली और संगठित आतंकवादी समूह के रूप में स्थापित किया है। नाइजीरिया से शुरू हुआ यह विद्रोह अब अफ्रीका के लेक चाड बेसिन के व्यापक इलाके में फैल चुका है और यह क्षेत्रीय सुरक्षा के लिए एक गंभीर खतरा बन गया है।

    ISWAP, जिसे 2016 में बोको हरम से अलग हुए गुट के रूप में शुरू किया गया था, ने अपनी कड़क कमांड संरचना और मजबूत क्षेत्रीय मौजूदगी के कारण तेजी से शक्ति प्राप्त की है। इस समूह ने स्थानीय समुदायों में अपनी पकड़ मजबूत करने के लिए सामाजिक सेवाएं और सुरक्षा व्यवस्था प्रदान की, जिससे वे आम जनता के बीच लोकप्रिय हुए।

    वहां की अनियंत्रित सीमाओं और कमजोर सरकारी नियंत्रण का फायदा उठाते हुए, ISWAP ने नाइजीरिया के न केवल बुर्किना फासो, कैमरून, और चाड तक अपने घुसपैठ का दायरा बढ़ाया है। इस विस्तार ने इसे एक परिवहन सहित एक बड़े नेटवर्क में परिवर्तनशील कर दिया है, जो अफ्रीका के कई देशों में सुरक्षा संकट का कारण बन रहा है।

    बीमारी, सामरिक असमानताएं और गरीबी से पीड़ित स्थानीय लोग अक्सर ISWAP के प्रभाव में आ जाते हैं, जिससे उनके ऑपरेशन को सफलता मिलती है और विपक्षी सुरक्षाबलों के लिए मुश्किलें बढ़ती हैं। इसके अलावा, उन्होंने आगामी आतंकवादी हमलों की योजना और अंजाम देने के लिए अपनी तकनीकी और मानवीय संसाधनों को बेहतर बनाया है।

    विशेषज्ञों का मानना है कि अफ्रीकी सरकारों और अंतरराष्ट्रीय समुदाय को इस चुनौती का सामना करने के लिए संयुक्त रणनीतियों को अपनाना होगा। इससे न केवल सुरक्षा बलों की क्षमताओं को बढ़ावा मिलेगा, बल्कि स्थानीय स्तर पर सामाजिक विकास कार्यक्रम भी जरूरी होंगे ताकि आतंकवाद की जड़ें कमजोर हों।

    ISWAP की वर्तमान स्थिति और उसकी गतिविधियां अफ्रीका के लिए न केवल एक क्षेत्रीय आतंकवाद समस्या हैं, बल्कि वैश्विक सुरक्षा के लिए भी चिंता का विषय हैं। इस समूह ने साबित किया है कि यदि उन्हें सही तरीके से न रोका गया तो वे सीमा पार कर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी खतरा बन सकते हैं। अतः उनकी बढ़ती ताकत को रोकने के लिए समय पर सही और प्रभावी कदम उठाना आवश्यक है।

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