तमिलनाडु क्रिकेट दल के चयन समिति के अध्यक्ष के रूप में सुनील के सामने एक चुनौतीपूर्ण जिम्मेदारी है। वरिष्ठ स्तर पर टीम को संक्रमण काल से गुजरते हुए सही दिशा प्रदान करना बेहद महत्वपूर्ण है। सुनील का मानना है कि इस दौर में खिलाड़ियों को स्वतंत्रता और समय देना आवश्यक है ताकि वे अपनी प्रतिभा को पूरी तरह से प्रदर्शित कर सकें।
पूर्व लेफ्ट-आर्म स्पिनर सुनील ने जोर देकर कहा है कि तमिलनाडु टीम को एक स्थिर आधार बनाने की दिशा में कदम उठाने होंगे। इसके लिए चयनकर्ताओं को धैर्य से काम लेना होगा और खिलाड़ियों को दबाव मुक्त माहौल प्रदान करना होगा। उनका कहना है कि जल्दबाजी में निर्णय लेना या खिलाड़ियों पर अत्यधिक दबाव डालना टीम के हित में नहीं होगा।
सुनील की नजर में कॉलेज क्रिकेट से लेकर रणजी ट्रॉफी तक तमिलनाडु के युवा क्रिकेटरों में काफी क्षमता है। उन्हें पर्याप्त अवसर और समर्थन मिलना चाहिए ताकि वे सुनील की देखरेख में टीम के मजबूत स्तंभ बन सकें। “लंबी रेस का घोड़ा वही होता है जो धैर्य से अपने प्रदर्शन को बनाए रखता है,” सुनील ने बताया।
चयनकर्ताओं के लिए यह भी महत्वपूर्ण है कि वे खिलाड़ियों के मानसिक और शारीरिक स्वास्थ्य का ध्यान रखें। कोरोना महामारी और अन्य कारणों से खिलाड़ियों की जरूरतों और चुनौतियों को समझना आज के समय में अधिक आवश्यक हो गया है। सुनील ने सोशल मीडिया और मीडिया से भी अपील की है कि वे सकारात्मक माहौल बनाए रखें ताकि खिलाड़ियों को दबाव न महसूस हो।
तमिलनाडु क्रिकेट संघ के अधिकारियों द्वारा भी यह माना जा रहा है कि टीम को पुनर्गठित करते हुए भविष्य के लिए मजबूत आधार तैयार करने की जरूरत है। सुनील के नेतृत्व में चयन समिति का लक्ष्य इस संक्रमणकाल को सफलतापूर्वक पार करना है और टीम को राष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में प्रतिस्पर्धात्मक बनाए रखना है।
यह रणनीति केवल वर्तमान खिलाड़ियों की चयन प्रक्रिया तक सीमित नहीं होगी, बल्कि युवा प्रतिभाओं की पहचान और विकास पर भी ध्यान दिया जाएगा। सुनील के अनुसार, “हम एक ऐसी क्रिकेट संप्रदायिता चाहते हैं जो भविष्य के दबावों का सामना कर सके और तमिलनाडु क्रिकेट का नाम रौशन करे।”
इस प्रकार, सुनील की सोच और चयन समिति के काम करने के तरीकों से स्पष्ट है कि तमिलनाडु टीम एक स्थिर और संगठित क्रिकेट इकाई बनने की दिशा में कदम बढ़ा रही है। खिलाड़ियों को समय और समर्थन दिया जाएगा ताकि वे अपने खेल में सुधार कर सकते और टीम का प्रतिनिधित्व गर्व से कर सकें।

