असम कैबिनेट ने 18 वर्ष से ऊपर के लोगों के लिए आधार जारी करना बंद करने का फैसला किया: मुख्यमंत्री

Rashtrabaan

    असम के मुख्यमंत्री ने पत्रकारों को बताया कि सरकार आधार कार्ड जारी करने के लिए आवेदनकर्ताओं की पात्रता का निर्धारण करेगी। यह निर्णय नागरिकों के हित और प्रशासनिक प्रक्रिया को प्रभावी बनाने के लिए लिया गया है।

    मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि आधार कार्ड जारी करने की प्रक्रिया में बदलाव किया जाएगा ताकि केवल योग्य और आवश्यक आवेदकों को ही कार्ड प्रदान किया जा सके। आवेदन मिलने के बाद ही सरकार यह सुनिश्चित करेगी कि आवेदक सभी मानदंडों को पूरा करता है या नहीं। यह कदम असम सरकार की पारदर्शिता और जवाबदेही बढ़ाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण प्रयास माना जा रहा है।

    उन्होंने बताया कि पात्रता जाँच के तहत आवेदकों के दस्तावेजों की सत्यता और उनके निवास प्रमाण की जांच की जाएगी। इसके बाद ही आधार कार्ड जारी किया जाएगा। इससे यह सुनिश्चित होगा कि आधार कार्ड का दुरुपयोग न हो और केवल वास्तविक लाभार्थियों को ही यह पहचान पत्र मिले।

    सरकार की यह नीति सुरक्षा और डेटा संरक्षण की चिंता को भी ध्यान में रखते हुए तैयार की गई है। इससे नागरिकों के व्यक्तिगत जानकारी की सुरक्षा और गोपनीयता सुनिश्चित होगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि इस नई प्रक्रिया से सरकारी योजनाओं का सही लाभ सही लोगों तक पहुँच सकेगा और भ्रष्टाचार में कमी आएगी।

    इस फैसले से पहले भी असम सरकार ने विभिन्न स्तरों पर डिजिटल पहचान और सत्यापन प्रणाली को मजबूत करने का प्रयास किया है। आधार कार्ड जारी करने की इस नई नीति को लेकर विभिन्न विभागों से विचार विमर्श किया गया ताकि सभी पक्षों की राय समाहित की जा सके।

    मुख्यमंत्री ने पत्रकारों से अपील की कि वे इस नीति को समझें और आम जनता को भी इस बारे में जागरूक करें ताकि वे आवश्यक दस्तावेज और सूचनाएँ समय पर उपलब्ध करा सकें। उन्होंने कहा कि सरकार का उद्देश्य केवल सही और आवश्यक लोगों को आधार देना है ताकि प्रशासनिक कार्यक्षमता में सुधार हो सके।

    सरकार का यह निर्णय असम में नागरिकों की पहचान और सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में एक सकारात्मक पहल बताई जा रही है। आगामी समय में इसके क्रियान्वयन से जुड़ी और जानकारियां भी सरकार द्वारा साझा की जाएंगी।

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