केरला सरकार ने महिलाओं और ट्रांसजेंडर व्यक्तियों के लिए एक नई सामाजिक उपक्रम ‘प्रियदर्शिनी’ नामक मुफ्त बस यात्रा योजना की घोषणा की है। इस योजना को लागू करने का उद्देश्य समावेशिता बढ़ाना और पब्लिक ट्रांसपोर्ट को सभी के लिए सुलभ बनाना है। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया है कि इस योजना को शुरू करने में केएसआरटीसी पर कोई अतिरिक्त वित्तीय दबाव नहीं पड़ेगा।
मुख्यमंत्री ने बताया कि ‘प्रियदर्शिनी’ योजना के तहत महिलाओं और ट्रांसजेंडर समुदाय के सदस्यों को केएसआरटीसी की बसों में मुफ्त यात्रा की सुविधा दी जाएगी। यह कदम राज्य में सामाजिक समानता और आर्थिक सशक्तिकरण को बढ़ावा देने के लिए एक महत्वपूर्ण प्रयास माना जा रहा है। इसके साथ ही, यह योजना उन लोगों को सार्वजनिक परिवहन तक बेहतर पहुँच प्रदान करेगी जिन्हें अभी तक इस सेवा में बाधाएँ महसूस होती थीं।
केएसआरटीसी (कर्नाटक राज्य सड़क परिवहन निगम) द्वारा अब तक चलायी जा रही बस सेवाओं में इस योजना के लागू होने से, महिलाओं एवं ट्रांसजेंडर समुदाय की आवाजाही में वृद्धि होगी। योजना के तहत, इस वर्ग के लोग बिना टिकट के बसों में सफर कर सकेंगे, जिससे उन्हें आर्थिक लाभ के साथ-साथ यात्रा के दौरान सुरक्षा का भी अहसास होगा। यह सरकार का सामाजिक न्याय की दिशा में एक सकारात्मक कदम है।
योजना की शुरुआत से संबंधित अधिकारियों ने बताया कि इसके लिए केएसआरटीसी ने विशेष व्यवस्था की है ताकि महिला और ट्रांसजेंडर यात्रियों के लिए यात्रा अनुभव सुरक्षित और आरामदायक रहे। इसके अलावा, सरकार ने कहा है कि यह योजना सरकार के अन्य सामाजिक कल्याण प्रयासों के साथ तालमेल में रहेगी और इसके क्रियान्वयन में किसी भी तरह की बाधा नहीं आने दी जाएगी।
मुख्यमंत्री ने कहा, “यह सामाजिक योजना राज्य के विकास को और सुदृढ़ करेगी। हमें विश्वास है कि इससे समाज के कमजोर वर्गों को अधिक स्वतंत्रता और सम्मान मिलेगा। केएसआरटीसी के संसाधनों का सही उपयोग करते हुए इस योजना को सफल बनाया जाएगा, और इसके लिए किसी अतिरिक्त वित्तीय भार की आवश्यकता नहीं होगी।”
विशेषज्ञों ने भी इस योजना की सराहना करते हुए बताया कि इससे महिलाओं और ट्रांसजेंडर व्यक्तियों को सार्वजनिक परिवहन उपयोग करने में बढ़ावा मिलेगा, जो उनकी आर्थिक स्वतंत्रता और सामाजिक समावेशन दोनों के लिए आवश्यक है। इसके साथ ही प्रदेश में सार्वजनिक बस सेवाओं का दायरा और प्रभाव बढ़ेगा, जो आर्थिक विकास में सहायक होगा।
समाज के विभिन्न वर्गों से मिली प्रतिक्रियाएं इस योजना के सफल क्रियान्वयन की उम्मीद को प्रबल करती हैं। इस योजना के लागू होने के बाद, केरल राज्य में सामाजिक समानता और गतिशीलता के क्षेत्र में एक नया अध्याय जुड़ने की संभावना है।

