लखनऊ अग्निकांड के बाद यूपी में बड़ा सुरक्षा अभियान: तीन दिन में 485 से अधिक भवन सील

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    लखनऊ: Security Operation In UP: अलीगंज में हुए दुखद अग्निकांड के बाद उत्तर प्रदेश सरकार और स्थानीय विकास प्राधिकरणों ने बिना सुरक्षा मानकों के चल रहे व्यावसायिक प्रतिष्ठानों के खिलाफ व्यापक और सख्त अभियान शुरू किया है। इस अभियान के तीसरे दिन भी प्रदेश के विभिन्न जिलों में जांच व कार्रवाई जारी रही। फायर सेफ्टी, भवन मानकों और अनुमत नक्शों का उलंघन करने वाले प्रतिष्ठानों को सील किया गया या उन्हें नोटिस जारी कर आवश्यक सुधार करने के निर्देश दिए गए। तीन दिनों के भीतर प्रदेशभर में 485 से अधिक भवनों को सील किया जा चुका है, जबकि 2,000 से अधिक प्रतिष्ठानों को नोटिस दिए गए हैं। प्रशासन का कहना है कि यह अभियान तब तक जारी रहेगा जब तक सभी प्रतिष्ठान निर्धारित सुरक्षा मानकों के पूर्ण पालन नहीं कर लेते।

    तीसरे दिन 135 से अधिक भवनों पर कार्रवाई

    गुरुवार को प्रदेश के अलग-अलग हिस्सों में 135 से अधिक भवनों को सील किया गया। पहले दिन मंगलवार को 85 प्रतिष्ठान और दूसरे दिन बुधवार को 250 से अधिक प्रतिष्ठानों पर कार्रवाई हुई थी। हालांकि, तीसरे दिन कार्रवाई की संख्या थोड़ी कम रही, परन्तु निरीक्षण का सिलसिला लगातार चला। अधिकारियों ने बताया कि जिन प्रतिष्ठानों में अग्निशमन उपकरण नहीं मिले, आपातकालीन निकासी की उचित व्यवस्था नहीं थी, या जिनका भवन उपयोग अनुमत मानकों के विपरीत हो रहा था, उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की गई।

    लखनऊ में एलडीए ने की सबसे बड़ी कार्रवाई

    राजधानी लखनऊ में लखनऊ विकास प्राधिकरण (एलडीए) ने तीसरे दिन सबसे अधिक कार्रवाई करते हुए 55 प्रतिष्ठानों को सील कर दिया, जबकि 78 अन्य संस्थानों को नोटिस जारी किया गया। इनमें कोचिंग सेंटर, लाइब्रेरी, डांस स्टूडियो, कंप्यूटर प्रशिक्षण संस्थान, नर्सिंग होम, होटल और व्यावसायिक कॉम्प्लेक्स शामिल हैं। एलडीए अधिकारियों ने बताया कि अधिकांश स्थानों में भवन का प्रयोग अनुमत उद्देश्य से अलग था या फायर सेफ्टी के मानक पूरे नहीं हो रहे थे। ऐसे मामलों में पहले नोटिस देकर सुधार के निर्देश दिए गए, और जब उल्लंघन सख्त था तो तत्काल सीलिंग की गई।

    बुधवार को भी रही व्यापक कार्रवाई

    इससे पहले बुधवार को राजधानी में 71 प्रतिष्ठानों को सील किया गया था। इन कार्रवाईयों में प्रमुख कोचिंग संस्थान और लाइब्रेरी भी शामिल रहे जैसे लक्ष्य एकेडमी, अमेरिकन इंडिया इंस्टीट्यूट ऑफ इंग्लिश, देवयोग लाइब्रेरी, रेवांता हॉस्पिटल और हनुमंत लाइब्रेरी। साथ ही, 20 अन्य प्रतिष्ठानों को नोटिस देकर समय सीमा में कमियां दूर करने के निर्देश दिए गए। हजरतगंज क्षेत्र में कंचन आईएएस लाइब्रेरी और एक्मे एकेडमी समेत कई प्रतिष्ठान भी सील किए गए। एलडीए के प्रवर्तन जोन-5 में साइलेंस जोन लाइब्रेरी, कोटा स्टडी फोरम और आकाश कोचिंग जैसे छह संस्थानों को भी सील किया गया।

    मेरठ मंडल में भी कड़ा अभियान

    मेरठ शहर व उसके आसपास जिलों में प्रशासन ने व्यापक जांच अभियान चलाया। पूरे मेरठ मंडल में 46 प्रतिष्ठानों को सील किया गया, जबकि 72 को नोटिस जारी किए गए। मेरठ शहर में 14 भवनों को सील करते हुए चार अन्य प्रतिष्ठानों का संचालन बंद कराया गया। बागपत में 15 कोचिंग सेंटरों को सीलिंग का सामना करना पड़ा। प्रशासन ने साफ कहा कि बिना अनुमति या सुरक्षा मानकों के संचालन करने वाले संस्थानों को किसी स्थिति में छूट नहीं दी जाएगी।

    सहारनपुर और मुजफ़्फरनगर में भी कड़ी कार्रवाई

    सहारनपुर में प्रशासन ने 23 लाइब्रेरी, 5 अस्पताल, 4 आतिशबाजी के गोदाम और 2 होटलों को नोटिस जारी किए। सुरक्षा संबंधी कमियां मिलने पर उन्हें निर्धारित समय में सुधार करने को कहा गया है। वहीं मुजफ़्फरनगर में शहरी क्षेत्र के आत्रे हॉस्पिटल, दावत रेस्टोरेंट समेत 10 प्रतिष्ठानों को सील कर दिया गया। अधिकारियों ने बताया कि निरीक्षण के दौरान कई जगहों पर गंभीर अनियमितताएं पाई गईं।

    कानपुर, मुरादाबाद, बरेली और वाराणसी में कार्रवाई

    कानपुर समेत आसपास के जिलों में 19 कोचिंग सेंटर, होटल और रेस्टोरेंट को सील किया गया, जबकि 24 प्रतिष्ठानों को नोटिस जारी किए गए। मुरादाबाद विकास प्राधिकरण ने अवैध निर्माण वाले तीन भवनों को सील किया। बरेली में दो कोचिंग संस्थानों को नोटिस देकर तीन दिन के भीतर भवन खाली करने और नियमों का पालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। वाराणसी में भी निरीक्षण अभियान के दौरान 13 प्रतिष्ठानों पर सीलिंग की कार्रवाई की गई।

    सुरक्षा मानकों पर प्रशासन की विशेष नजर

    अधिकारियों के मुताबिक इस अभियान का मुख्य उद्देश्य संभावित हादसों को रोकना और आम जनता की सुरक्षा सुनिश्चित करना है। जांच के दौरान फायर एनओसी, अग्निशमन उपकरण, आपातकालीन निकास, पार्किंग व्यवस्था, भवन स्वीकृति और उपयोग संबंधी दस्तावेजों की कड़ी जांच की जा रही है। मामूली कमियों वाले संस्थानों को सुधार का मौका दिया जा रहा है, जबकि गंभीर उल्लंघन वाले स्थानों को तत्काल सील किया जा रहा है।

    आगे भी जारी रहेगा अभियान

    प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि यह विशेष अभियान आने वाले दिनों में भी जारी रहेगा। विकास प्राधिकरण, स्थानीय निकाय एवं अग्निशमन विभाग मिलकर व्यावसायिक प्रतिष्ठानों का निरीक्षण कर रहे हैं। भवन स्वामी और संस्थान संचालकों से अनुरोध है कि वे सभी आवश्यक सुरक्षा मानकों का पालंन करें और समय रहते अपनी कमियों को दूर कर प्रशासन की कठोर कार्रवाई से बचें। यह कदम प्रदेशवासियों की सुरक्षा के लिए बेहद जरूरी है।

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