जापान में 7.0 तीव्रता का शक्तिशाली भूकंप, सुनामी का खतरा टला

Rashtrabaan News Desk
Highlights
  • जापान में भूकंप के तेज झटकों से मची हलचल, प्रशासन ने स्थिति पर रखी नजर।
  • चीन में भी महसूस हुई धरती की हलचल

    टोक्यो। एशियाई देश जापान की धरती शनिवार, 24 अक्टूबर 2026 को एक बार फिर कांप उठी। अमेरिकी भूवैज्ञानिक सर्वेक्षण (यूएसजीएस) के अनुसार, जापान की राजधानी टोक्यो से लगभग 1000 किलोमीटर दक्षिण-दक्षिणपूर्व में स्थित बोनिन द्वीप समूह में 7.0 तीव्रता का एक शक्तिशाली भूकंप दर्ज किया गया। यह भूकंप स्थानीय समय के अनुसार शाम 4 बजकर 9 मिनट पर आया। भूकंप का केंद्र जापान के बोनिन द्वीप समूह के पास, राजधानी टोक्यो के दक्षिण में समुद्र के भीतर स्थित था, जिसकी गहराई जमीन से लगभग 492.4 किलोमीटर थी।
    इतनी अधिक गहराई पर आने वाले भूकंप के प्रभाव आमतौर पर सतह पर कम महसूस होते हैं, जिससे जान-माल का बड़ा नुकसान होने की संभावना कम हो जाती है। हालांकि, भूकंप की तीव्रता 7.0 होने के कारण इस पर लगातार निगरानी रखी जा रही है। अमेरिकी नेशनल वेदर सर्विस ने पुष्टि की है कि हवाई और प्रभावित क्षेत्रों के लिए सुनामी की कोई चेतावनी जारी नहीं की गई है, जिससे यह एक बड़ी राहत की खबर है। अब तक, जापान में इस भूकंप से किसी तरह के जान-माल के नुकसान या बड़ी क्षति की कोई खबर सामने नहीं आई है। जापान, जो प्रशांत रिंग ऑफ फायर पर स्थित होने के कारण अक्सर भूकंप का अनुभव करता है, अपनी कठोर भूकंपरोधी निर्माण तकनीकों और त्वरित आपदा प्रतिक्रिया प्रणालियों के लिए जाना जाता है। ये प्रणालियां ऐसे शक्तिशाली भूकंपों के प्रभावों को कम करने में सहायक सिद्ध होती हैं।
    इसी दिन, चीन के चिंघाई प्रांत में भी 5.3 तीव्रता के भूकंप के झटके महसूस किए गए। यह भूकंप पड़ोसी क्षेत्र तिब्बत में आए 7.0 तीव्रता के भीषण भूकंप के ठीक दो दिन बाद आया है, जिसमें 16 लोगों की मौत हो गई थी और 76 अन्य घायल हो गए थे। चीन भूकंप नेटवर्क केंद्र के मुताबिक, चिंघाई प्रांत के जदोई काउंटी में स्थानीय समय के मुताबिक शाम साढ़े चार बजे के करीब भूकंप के झटके महसूस किए गए थे। इसका केंद्र जमीन से 10 किलोमीटर की गहराई में स्थित था, जो जापान के भूकंप की तुलना में काफी कम गहरा था। जापान और चीन दोनों में एक ही दिन भूकंप के झटके महसूस किए गए, लेकिन गनीमत यह रही कि जापान में आए शक्तिशाली भूकंप से कोई बड़ा नुकसान नहीं हुआ, और सुनामी का खतरा भी टल गया। अधिकारी अभी भी स्थिति पर बारीकी से नजर रखे हुए हैं ताकि किसी भी अप्रत्याशित घटना की स्थिति में समय रहते लोगों को जानकारी दी जा सके।

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