जनगणना के बाद भारत में मुस्लिम जनसंख्या इंडोनेशिया के बराबर हो सकती है: किरन रिजिजू

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    केंद्रीय मंत्री किरन रिजिजू ने सभी आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि देश में अल्पसंख्यकों के खिलाफ कोई खतरा नहीं है। उन्होंने स्पष्ट किया कि कुछ राजनीतिक संगठन मुस्लिमों और क्रिश्चियन समुदायों में डर फैलाने का प्रयास कर रहे हैं, जो पूरी तरह से बेसिरपैर की बात है। भारत एक धर्मनिरपेक्ष देश है जहां सभी समुदायों को समान अधिकार और सुरक्षा प्राप्त है।

    किरन रिजिजू ने कहा, “हमारे देश की विविधता ही हमारी ताकत है। किसी को भी धार्मिक या सांप्रदायिक आधार पर भेदभाव या डराने की जरूरत नहीं है। सरकार पूरी तरह अल्पसंख्यकों के हक में खड़ी है और उनके विकास तथा सुरक्षा के लिए निरंतर प्रयासरत है।”

    उन्होंने आगे कहा कि कुछ राजनीतिक दल अपनी राजनीतिक लाभ के लिए झूठ फैला रहे हैं, जिससे समाज में गलतफहमियां बढ़ रही हैं। ऐसे प्रयास न केवल देश के सामाजिक ताने-बाने को कमजोर करते हैं बल्कि देश के सामंजस्य को भी नुकसान पहुंचाते हैं। सरकार ऐसे कोई भी झूठे दावे बर्दाश्त नहीं करेगी।

    मंत्री ने मीडिया और समाज के सभी वर्गों से अपील की कि वे शांति और भाईचारे को बनाए रखें और बिना किसी प्रमाण के डर या फैलाने वाली खबरों पर ध्यान न दें। उन्होंने कहा कि भारत के संविधान में सभी नागरिकों को समान अधिकार दिए गए हैं और इन अधिकारों की रक्षा करना सरकार की प्राथमिक जिम्मेदारी है।

    इस विषय पर कई बार चिंता जताने वाले लोगों को भी मंत्री ने आश्वस्त किया कि देश में सभी समुदायों के लोगों को समान सम्मान और सुरक्षा मिलेगी। केंद्रीय मंत्री का कहना है कि समय-समय पर बाहर से आने वाली अफवाहें और षड्यंत्र देश की एकता को डगमगाने की कोशिश करते हैं, लेकिन भारत की सच्चाई और सहिष्णुता उनमें समाहित है, जो कहीं भी धमक और डर को जड़ में खत्म कर देगी।

    अतः केंद्रीय सरकार सभी नागरिकों के साथ खड़ी है और किसी भी प्रकार के विभाजनकारी कृत्यों से निपटने के लिए सतर्क है। देश के शांतिपूर्ण वातावरण को बनाए रखना हर नागरिक का कर्तव्य भी है।

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