जयपुर। राजस्थान के मुख्यमंत्री भजन लाल शर्मा ने बांसवाड़ा जिले में आयोजित एक समीक्षा बैठक में अधिकारियों को आदेश दिए हैं कि वे अवैध धर्मांतरण में संलिप्त लोगों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करें। इसके साथ ही उन्होंने सरकारी कर्मचारियों की राजनीतिक गतिविधियों पर नजर रखने और ऐसी गतिविधियों में लिप्त पाए जाने पर अनुशासनात्मक कदम उठाने का भी निर्देश दिया।
इस बैठक में मुख्यमंत्री ने जंगलों के संरक्षण और विकास को भी प्राथमिकता देते हुए प्रदेश में चंदन के पेड़ लगाने की योजना प्रस्तुत की। उन्होंने बताया कि ‘हरियालो राजस्थान’ अभियान के अंतर्गत बांसवाड़ा में 11,000 चंदन के पौधे लगाए जाएंगे ताकि पर्यावरण संरक्षण के साथ-साथ स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी बढ़ावा मिले।
भजन लाल शर्मा ने वन विभाग को पौधारोपण अभियान को तेजी से पूरा करने के निर्देश दिये और कहा कि वन क्षेत्रों का संरक्षण और विस्तार दोनों आवश्यक हैं। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि वे नियमित निरीक्षण और ग्रामीण क्षेत्रों के दौरे बढ़ाएं ताकि स्थानीय लोगों की समस्याओं को समझा जा सके और उनका यथाशीघ्र समाधान किया जा सके।
मुख्यमंत्री ने बांसवाड़ा कलेक्ट्रेट सभागार में आयोजित समीक्षा बैठक में जिले में सरकारी योजनाओं, बजट खर्चों, बुनियादी ढांचे और जनकल्याण कार्यक्रमों की प्रगति का जायजा लिया। उन्होंने अधिकारियों को यह सुनिश्चित करने को कहा कि सरकारी योजनाओं का लाभ सीधे और समय पर लाभार्थियों तक पहुंचे, जिससे क्षेत्र के विकास में तेजी आए।
विशेष रूप से उन्होंने नगर परिषद आयुक्त दुर्गेश सिंह रावत की कार्यप्रणाली पर असंतोष जाहिर किया और उनके खिलाफ कार्रवाई शुरू करने के आदेश दिए। इसके बाद आयुक्त को ‘पदस्थापन आदेश की प्रतीक्षा’ स्थिति में रखा गया है।
जल संसाधनों के संरक्षण को लेकर मुख्यमंत्री ने मानसून से पहले जल निकायों की सफाई और रखरखाव पर जोर दिया। उन्होंने सभी जल स्रोतों का समुचित प्रबंधन करने और माही नदी के जल का सही उपयोग सुनिश्चित करने की जरूरत कही। इसके अतिरिक्त पेयजल आपूर्ति और सिंचाई की सुविधाओं का विस्तार करने पर भी उन्होंने बल दिया।
उन्होंने ‘मुख्यमंत्री जल स्वावलंबन अभियान’ के तहत चल रही परियोजनाओं की समीक्षा करते हुए जल संरक्षण और ग्रामीण बुनियादी ढांचे के विकास को प्राथमिकता देने को कहा। इस संदर्भ में गुणवत्ता मानकों को बनाए रखना आवश्यक बताया गया।
कानून-व्यवस्था बनाए रखने और प्रशासनिक अनुशासन को सुदृढ़ करने के लिए मुख्यमंत्री ने सभी अधिकारियों को निर्देश दिया कि वे समय-समय पर ग्रामीण इलाकों में जाकर निरीक्षण करें, स्थानीय जनता की समस्याओं को समझें और उनका तुरंत समाधान करें।
इसके अलावा मुख्यमंत्री ने शिक्षा के क्षेत्र में भी कदम उठाने की बात कही, खासकर आदिवासी और ग्रामीण क्षेत्रों में स्कूलों में नामांकन बढ़ाने तथा छात्रों को स्कूलों में निरंतर बनाए रखने के लिए ठोस प्रयास करने पर बल दिया।
इस बैठक में मुख्यमंत्री भजन लाल शर्मा ने अधिकारियों को संवेदनशीलता और जवाबदेही के साथ काम करने का संदेश दिया ताकि सरकारी योजनाओं का लाभ देश के अंतिम छोर तक पहुंच सके और समावेशी विकास सुनिश्चित हो सके।

