जोधपुर के सरकारी अस्पताल में सी-सेक्शन डिलीवरी के बाद आठ महिलाओं की तबीयत खराब होने से हड़कंप मच गया है। मामले की गंभीरता को देखते हुए अस्पताल प्रशासन ने ऑपरेशन थिएटर को अस्थायी रूप से बंद कर जांच शुरू कर दी है। मेडिकल कॉलेज के प्रिंसिपल डॉ. फतेह सिंह ने बताया कि इनमें से दो महिलाओं की हालत गंभीर होने पर उन्हें तुरंत एमडीएम अस्पताल के आईसीयू में भर्ती कराया गया। इन महिलाओं में से एक को हाई ब्लड प्रेशर की समस्या रही, जबकि दूसरी को ऑपरेशन के दौरान अधिक रक्तस्राव का सामना करना पड़ा। फिलहाल दोनों मरीजों की स्थिति स्थिर बताई जा रही है और उनका उपचार वरिष्ठ चिकित्सकों की निगरानी में चल रहा है।
डॉ. फतेह सिंह ने कहा कि जैसे ही इस घटना की सूचना मिली, चिकित्सकों, माइक्रोबायोलॉजिस्ट और अन्य विशेषज्ञों की टीम ने सभी बीमार महिलाओं के सैंपल लेकर जांच के लिए प्रयोगशाला में भेज दिए हैं। साथ ही, औषधि निरीक्षकों ने उपयोग की गई दवाओं और अन्य ऑपरेशन सामग्री के नमूने भी संग्रहित किए हैं। जांच रिपोर्ट आने के बाद ही इस मामले में वास्तविक कारण स्पष्ट किया जाएगा।
डॉ. सिंह ने बताया कि अभी के मौसम में बैक्टीरिया के फैलाव की संभावना को भी जांच के दायरे में रखा गया है, लेकिन जल्दबाजी में कोई निष्कर्ष निकालना उचित नहीं होगा। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि अस्पताल प्रशासन एवं चिकित्सक किसी भी लापरवाही की गुंजाइश नहीं छोड़ना चाहते और सभी मानकों एवं प्रक्रियाओं का कड़ाई से पालन किया जा रहा है।
पावटा अस्पताल के पीएमओ डॉ. कुलवीर सिंह ने मीडिया से बातचीत में बताया कि शनिवार को कुल आठ सी-सेक्शन ऑपरेशन किए गए थे, जिसमें से दो महिलाओं को गंभीर संक्रमण की समस्या होने पर मथुरादास माथुर (एमडीएम) अस्पताल रेफर किया गया। वे गंभीर स्थिति में हैं। जबकि बाकी छः मरीज इसी अस्पताल में भर्ती हैं और उनकी स्थिति फिलहाल संतोषजनक है।
डॉ. कुलवीर सिंह ने आगे बताया कि पूरे प्रोटोकॉल एवं गाइडलाइंस का पूर्णतः पालन किया जा रहा है और इस मामले की जांच जारी है। उन्होंने कहा, “जांच के लिए सभी आवश्यक ब्लड सैंपल और अन्य परीक्षण लिए गए हैं। रिपोर्ट मिलने के बाद ही हम कहीं उचित निष्कर्ष पर पहुंच पाएंगे कि ऐसा कैसे हुआ।”
इस घटना ने अस्पताल प्रशासन और चिकित्सा जगत में गंभीर चिंता पैदा कर दी है। अस्पताल ने मरीजों की सुरक्षा को सर्वोपरि रखते हुए तुरंत कार्रवाई की है और मामले की निष्पक्ष जांच के आदेश दिए गए हैं। जांच के नतीजों का इंतजार किया जा रहा है ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए उचित कदम उठाए जा सकें। जनता से भी इस बीच धैर्य बनाए रखने और अफवाहों से दूर रहने की अपील की गई है।

