रायपुर : छत्तीसगढ़ में सड़क और बुनियादी सुविधाओं के विकास को गति देने के लिए सरकार ने तैयारियां तेज कर दी हैं। मुख्य सचिव विकासशील की अध्यक्षता में मंत्रालय महानदी भवन में परियोजना निर्माण एवं क्रियान्वयन समिति की बैठक आयोजित की गई। इसमें प्रदेश में प्रस्तावित विभिन्न निर्माण एवं विकास कार्यों की प्रगति की समीक्षा की गई। साथ ही आगामी बजट में शामिल किए जाने वाले महत्वपूर्ण प्रोजेक्ट्स को लेकर भी चर्चा हुई।
बैठक में मुख्य सचिव ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि प्रस्तावित निर्माण कार्यों की लागत का तुलनात्मक विश्लेषण पूरी पारदर्शिता के साथ किया जाए। प्रत्येक परियोजना की लागत का वास्तविक और उचित आकलन सुनिश्चित किया जाए, ताकि निर्माण कार्यों के लिए बजट की सही योजना बनाई जा सके।
उन्होंने आगामी बजट में शामिल होने वाले महत्वपूर्ण कार्यों की समय रहते पहचान करने और उनके लिए जरूरी प्रशासनिक एवं तकनीकी तैयारियां पहले से पूरी करने के निर्देश भी दिए।
सड़क, रेलवे ओवरब्रिज और फ्लाईओवर परियोजनाओं की समीक्षा
बैठक में अधिकारियों ने विभिन्न क्षेत्रों में संचालित और प्रस्तावित विकास कार्यों का प्रस्तुतिकरण दिया। इस दौरान प्रदेश की कई महत्वपूर्ण सड़क और बुनियादी ढांचा परियोजनाओं पर विस्तार से चर्चा हुई।
प्रमुख परियोजनाओं में कांकेर जिले के भानुप्रतापपुर-कांकेर-पंखाजूर मार्ग पर पुल-पुलिया सहित सड़क निर्माण कार्य शामिल है। इसके अलावा बिलासपुर-कटनी रेल मार्ग पर रेलवे ओवरब्रिज (ROB) और बिलासपुर जिले में फ्लाईओवर ब्रिज के निर्माण पर भी चर्चा की गई।
वहीं, दुर्ग सहित अन्य क्षेत्रों में नगरी-कांकेर-भानुप्रतापपुर-मानपुर-राजनांदगांव-कवर्धा-फास्टरपुर-कुंडा मार्गों के उन्नयन और चौड़ीकरण की योजना पर भी विचार-विमर्श हुआ। इसके साथ ही कुम्हारी, अहिवारा-धमधा-गंडई-साल्हेवारा मार्गों के विकास एवं चौड़ीकरण कार्यों की समीक्षा की गई।
कई विभागों के वरिष्ठ अधिकारी रहे मौजूद
बैठक में विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारी शामिल हुए। इनमें वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग के अपर मुख्य सचिव मनोज कुमार पिंगुआ, वित्त विभाग के सचिव डॉ. रोहित यादव, लोक निर्माण विभाग के सचिव मुकेश कुमार, जल संसाधन विभाग के सचिव राजेश कुमार टोप्पो, योजना, आर्थिक एवं सांख्यिकी विभाग के सचिव भुवनेश यादव और ऊर्जा विभाग के सचिव सारांश मित्तर सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।
बैठक में विकास परियोजनाओं की लागत, बजट संबंधी तैयारियों और निर्माण कार्यों को समयबद्ध तरीके से आगे बढ़ाने पर विशेष जोर दिया गया।


