देशभर में हो रही एक दिवसीय केमिस्ट हड़ताल ने विभिन्न स्थानों पर मिश्रित प्रतिक्रियाएं जाहिर की हैं। इस हड़ताल का उद्देश्य मुख्य रूप से सरकारी नोटिफिकेशन GSR 817 और GSR 220 के खिलाफ अपनी आवाज़ उठाना है, जिन्हें ऑनलाइन फ़ार्मेसी को नियमित करने के लिए लाया गया है।
AIOCD (ऑल इंडिया ऑर्गनाइजेशन ऑफ केमिस्ट्स एंड ड्रगिस्ट्स) के महासचिव राजीव सिंहाल ने स्पष्ट किया कि यह संगठन इन नोटिफिकेशन के खिलाफ सशक्त विरोध प्रकट कर रहा है। उनका कहना है कि ये नोटिफिकेशन पारंपरिक केमिस्ट दुकानों के हितों के विपरीत हैं और इससे नियमों का उल्लंघन हो सकता है।
राजीव सिंहाल ने बताया कि GSR 817 और GSR 220 के तहत ऑनलाइन फ़ार्मेसियों का वैधता प्राप्त करना परंपरागत व्यवसायों के लिए खतरा उत्पन्न करता है। उन्होंने यह भी कहा कि इन नए नियमों से बिना उचित अनुश्रवण के दवाओं की बिक्री बढ़ेगी, जो कि रोगियों की सुरक्षा के लिए चुनौती है।
वहीं, देश के कई हिस्सों में केमिस्ट समूह ने अपनी दुकानों पर शांति पूर्वक हड़ताल की, लेकिन कुछ क्षेत्रों में इसका प्रभाव सीमित दिखा। कुछ स्थानों पर दुकानदारों ने विरोध जताया, लेकिन ग्राहक सुगमता के लिए दुकानों को खुला रखा।
विशेषज्ञों का मानना है कि इस हड़ताल से ऑनलाइन दवा वितरण के नियमों पर विचार-विमर्श होना आवश्यक है, ताकि पारंपरिक व्यवसाय और डिजिटल माध्यम के बीच संतुलन स्थापित किया जा सके। जनता की स्वास्थ्य सुरक्षा सर्वोपरि होनी चाहिए, इसलिए दोनों पक्षों को एक साथ बैठकर समाधान निकालना होगा।
अंततः, इस विरोध का उद्देश्य नीति निर्माताओं को इस मामले में पुनर्विचार करने के लिए प्रभावी संदेश देना है, ताकि दवा वितरण का एक संतुलित और सुरक्षित तरीक़ा सुनिश्चित हो सके।

