नीति आयोग बैठक: रामदोस ने तमिलनाडु के मुख्यमंत्री से केंद्र पर कई मांगों को दबाव बनाने का आग्रह किया

Rashtrabaan

    तमिलनाडु के वरिष्ठ राजनीतिक नेता रामदोस ने केंद्र सरकार से राज्य में रोजगार सृजन को बढ़ावा देने के लिए विशेष कदम उठाने का अनुरोध किया है। उन्होंने नीति आयोग की हाल ही में हुई बैठक के दौरान तमिलनाडु के मुख्यमंत्री से केंद्र सरकार पर दबाव बनाने का आग्रह किया ताकि राज्य में नई औद्योगिक इकाइयों, सुरक्षित विनिर्माण केंद्रों, नौका निर्माण उद्योग और उत्पादन हब के विकास को प्रोत्साहित किया जा सके।

    रामदोस ने कहा कि तमिलनाडु में रोजगार के अवसरों का सृजन केवल जनसांख्यिकीय लाभांश को उपयोग में लाने का माध्यम नहीं है, बल्कि यह राज्य की आर्थिक वृद्धि और समग्र विकास के लिए आवश्यक भी है। उन्होंने जोर देकर कहा कि केंद्र सरकार को चाहिए कि वह राज्य के विभिन्न क्षेत्रों में नई औद्योगिक संपत्तियों के निर्माण को प्राथमिकता दे और निवेश को आकर्षित करे।

    उन्होंने विशेष रूप से नौका निर्माण उद्योग की महत्ता को रेखांकित किया, जो तमिलनाडु के समुद्री किनारे वाले जिलों में बेहद संभावनाशील क्षेत्र है। रामदोस ने बताया कि इस उद्योग के विकास से न केवल स्थानीय नौकरियां बढ़ेंगी, बल्कि यह भारत की समुद्री सुरक्षा और निर्यात क्षमता को भी मजबूत करेगा। इसके साथ ही उन्होंने सुरक्षित विनिर्माण इकाइयों की स्थापना पर बल दिया, जिससे कर्मचारियों के लिए बेहतर कार्यपरिसर उपलब्ध हो सकें और उत्पादों की गुणवत्ता में सुधार हो।

    रामदोस ने कहा, “राज्य में नई औद्योगिक इकाइयों और उत्पादन हब के विकास से रोजगार अवसरों का दायरा बढ़ेगा, जिससे युवा वर्ग को उनके क्षेत्र में रोजगार मिलेगा और वे अन्य राज्यों तथा विदेशों की ओर पलायन नहीं करेंगे।” उन्होंने केंद्र सरकार से तमिलनाडु को आर्थिक पैकेज देने, विशेष तौर पर निवेश अनुदान और कर छूट प्रदान करने का भी आग्रह किया।

    इस बैठक में नीति आयोग के सदस्यों ने भी तमिलनाडु की इन मांगों पर गहन चर्चा की और राज्य में औद्योगिक विकास के लिए केंद्र और राज्य सरकार के सम्मिलित प्रयासों को जरूरी बताया। उन्होंने तमिलनाडु में निवेश को आकर्षित करने और रोजगार के स्थायी अवसर उत्पन्न करने के उपायों को प्राथमिकता देने पर जोर दिया।

    अंत में, रामदोस ने कहा कि केवल आर्थिक विकास ही नहीं, बल्कि सामाजिक और पर्यावरणीय स्थिरता को ध्यान में रखते हुए तमिलनाडु में ऐसे उद्योग स्थापित किए जाने चाहिए जो दीर्घकालिक विकास में सहायक हों और स्थानीय समुदायों के हित में काम करें। उनका मानना है कि केंद्र सरकार के सहयोग से यह संभव होगा कि तमिलनाडु भारत के सबसे विकसित और रोजगार प्रधान राज्यों में से एक बन सके।

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