जयपुर। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हाल ही में देशभर के किसानों के खाते में प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि (पीएम-किसान) योजना की 23वीं किस्त जारी की, जिसमें 9.44 करोड़ से अधिक किसानों को कुल 18,880 करोड़ रुपए सीधे ट्रांसफर किए गए। इस मद में राजस्थान के 66 लाख से अधिक किसानों को 1,320 करोड़ रुपए से अधिक की सहायता मिली है, जो राज्य के कृषि क्षेत्र के विकास को नए आयाम प्रदान कर रही है।
राजस्थान के मुख्यमंत्री भजन लाल शर्मा ने पाली जिले के सुमेरपुर से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से प्रधानमंत्री के इस कार्यक्रम में शामिल होकर उनके संदेश को साझा किया। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में देश के किसान आत्मनिर्भरता की ओर तेजी से अग्रसर हैं और पीएम-किसान योजना किसानों के लिए एक आर्थिक सुरक्षा कवच के रूप में कार्य कर रही है।
मुख्यमंत्री ने बताया कि 2019 में इस योजना की शुरुआत के बाद अब तक देश के किसानों के खातों में कुल 4.46 लाख करोड़ रुपए जैसी विशाल रकम सीधे ट्रांसफर की जा चुकी है। यह राशि किसानों की खेती-बाड़ी से जुड़ी आवश्यकताओं को पूरा करने में सहायक सिद्ध हो रही है।
उन्होंने आगे कहा कि खरीफ की बुवाई के समय जारी ये किस्त किसानों की रोजमर्रा की खेती संबंधी जरूरतों को पूरा करने में निर्णायक भूमिका निभाएगी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा अपनाए गए जन धन, आधार, मोबाइल (जेएएम) फ्रेमवर्क ने मदद राशि के वितरण में पारदर्शिता और गति को बढ़ावा दिया है, जिससे किसानों तक लाभ सीधे और समय पर पहुंच रहा है।
मुख्यमंत्री ने बताया कि इस प्रक्रिया द्वारा बिचौलियों की भूमिका खत्म होकर लाभार्थियों को भ्रष्टाचार और लीकेज से मुक्त सहायता मिल रही है। साथ ही, पिछले 12 वर्षों में केंद्र सरकार द्वारा खेती से जुड़े हर पहलू को मजबूत करने के लिए कई योजनाएं चलाई गई हैं, जैसे प्रधानमंत्री फसल बीमा, पीएम-कुसुम, सॉइल हेल्थ कार्ड, किसान क्रेडिट कार्ड, ई-नाम, और नमो ड्रोन दीदी।
उन्होंने कृषि बजट में हुई लगभग छह गुना वृद्धि का जिक्र करते हुए कहा कि यह केंद्र की कृषि के प्रति गहरी प्रतिबद्धता को दर्शाता है, जो अब 1.30 लाख करोड़ रुपए से ऊपर पहुंच चुका है। राजस्थान सरकार ने भी इस दिशा में योगदान देते हुए पीएम-किसान योजना की वार्षिक सहायता राशि को 6,000 रुपए से बढ़ाकर 9,000 रुपए कर दिया है, जिससे राज्य के किसानों को अतिरिक्त आर्थिक सहारा मिल रहा है।
राज्य के 26 जिलों में किसानों को दिन के समय बिजली उपलब्ध कराने की पहल भी एक बड़ी उपलब्धि है। राजस्थान प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना को सबसे प्रभावी ढंग से लागू करने वाले राज्यों में से एक है, जहां 2.19 करोड़ से अधिक बीमा पॉलिसी जारी की गई हैं और 6,500 करोड़ रुपए से अधिक के क्लेम का भुगतान किया जा चुका है।
इसके अतिरिक्त, ‘गोपाल क्रेडिट कार्ड योजना’ के तहत 94,000 से अधिक पशुपालक परिवारों को 709 करोड़ रुपए के ऋण उपलब्ध कराए गए हैं। ‘मंगला पशु बीमा योजना’ में 20 लाख से अधिक पशुओं का पंजीकरण किया गया है। गेहूं किसानों को सरकारी खरीद पर 150 रुपए प्रति क्विंटल का बोनस भी दिया जा रहा है, जो उनकी आय में सुधार लाने में सहायक है।
पशुपालन और डेयरी मंत्री जोराराम कुमावत ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में विकसित हो रहा आत्मनिर्भर भारत तेजी से वास्तविकता में बदल रहा है। उन्होंने बताया कि यह डबल इंजन सरकार किसानों, महिलाओं और युवाओं के सशक्तिकरण के लिए निरंतर नई योजनाओं को लागू कर रही है और सुनिश्चित कर रही है कि कल्याणकारी योजनाओं का लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचे।

