कांग्रेस के वरिष्ठ नेता शशि थरूर हाल ही में कश्मीर की बदलती परिस्थितियों पर अपनी प्रतिक्रिया देने के कारण पार्टी के विवादों में घिर गए हैं। उन्होंने श्रीनगर में उपराज्यपाल मनोज सिन्हा के साथ हुई बैठक का जिक्र करते हुए कहा कि राज्य में हालात सामान्य होने की दिशा में प्रगति हो रही है। इस बयान के बाद कांग्रेस ने उनकी आलोचना की और उनसे पार्टी के कार्यकर्ताओं से मिलने की अपील की, जो राज्य की राजनीति में जमीनी हकीकत से जुड़े हैं।
शशि थरूर ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X (पूर्व में ट्विटर) पर लिखा कि उन्हें श्रीनगर में उपराज्यपाल के साथ एक उत्कृष्ट बैठक का अवसर मिला, जिसमें उन्होंने कश्मीर में स्थिति और सामान्य होने की तरफ हो रहे सकारात्मक कदमों पर चर्चा की। उन्होंने यह भी बताया कि उन्होंने कश्मीरी लेखक संघ और महिला संगठनों के अध्यक्षों से बातचीत की, जो एक सकारात्मक पहल के रूप में देखी गई।
शशि थरूर के बयान पर कांग्रेस का رد
शशि थरूर के इस बयान के बाद कांग्रेस के प्रदेश मुख्य प्रवक्ता ने उनकी कड़ी आलोचना की। उनका कहना था कि कश्मीर के लोग उम्मीद कर रहे थे कि थरूर उनसे मिलेंगे ताकि वे जमीन पर मौजूद हालात को बेहतर समझ सकें। उन्होंने यह भी कहा कि थरूर को अपने ही पार्टी के उन सदस्यों से मिलने के लिए कुछ समय निकालना चाहिए था जो पिछले सात वर्षों से राज्य के दर्जे को वापस पाने के प्रयास में लगे हुए हैं।
प्रदेश प्रवक्ता ने सोशल मीडिया पर कहा, “कश्मीर के लोग आपसे मिलने की उम्मीद कर रहे थे ताकि ज़मीनी हक़ीक़त को समझा जा सके। कम से कम अपने ही पार्टी के उन कार्यकर्ताओं से मिलने के लिए समय निकाल सकते थे, जो खोए राज्य का दर्जा वापस पाने के संघर्ष में हैं।”
नरेंद्र मोदी की तारीफ पर पूर्व विवाद
यह पहली बार नहीं है जब शशि थरूर कांग्रेस के अंदर आलोचनाओं के घेरे में आए हैं। इससे पहले उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप से बातचीत के दौरान भारतीय नाविकों पर हुए हमले को लेकर उनकी संवेदनशीलता और परिस्थिति को समझाने के तरीके की प्रशंसा की थी। थरूर ने कहा था कि पीएम मोदी ने सार्वजनिक और निजी दोनों ही स्तरों पर इस बात को स्पष्ट रूप से रखा कि युद्ध के समय नागरिक और नाविकों को निशाना नहीं बनाया जाना चाहिए क्योंकि वे सैनिक नहीं हैं।
यह बयान पार्टी के कुछ सदस्यों के बीच असहमति का विषय बना था, लेकिन थरूर की कोशिश रही कि वे स्थिति को सकारात्मक दिशा में लेकर जाएं। हालांकि, बदलते कश्मीर के मुद्दे पर उनकी हालिया टिप्पणी से पार्टी में फिर से तनाव बढ़ गया है।
कुल मिलाकर, शशि थरूर की कश्मीर और प्रधानमंत्री मोदी की तारीफ से जुड़ी टिप्पणियां कांग्रेस के भीतर मतभेदों और राजनीतिक दृष्टिकोण के विभिन्न पहलुओं को उजागर करती हैं। पार्टी के वरिष्ठ नेताओं को इस प्रकार के विवादों को सुलझाते हुए एकजुटता दिखानी होगी ताकि वे जनता के विश्वास को कायम रख सकें।

