तेलंगाना लॉजिस्टिक्स निवेशों के समर्थन के लिए प्रतिबद्ध: मंत्री श्रीधर बाबू

Rashtrabaan

    तेलंगाना के मंत्री श्रीधर बाबू ने कहा है कि भले ही तेलंगाना के पास समुद्र तट नहीं है, लेकिन उसने अपनी भू-भागीय स्थिति को एक रणनीतिक लाभ में बदला है। इसके माध्यम से राज्य ने लॉजिस्टिक्स के क्षेत्र में निवेशों को आकर्षित करने का महत्वाकांक्षी लक्ष्य रखा है।

    मंत्री ने बताया कि राज्य सरकार ने लॉजिस्टिक्स इन्फ्रास्ट्रक्चर को मजबूत बनाने के लिए कई पहल की हैं, जिससे निवेशकों को बेहतर सुविधाएं और व्यावसायिक माहौल उपलब्ध हो सके। उन्होंने यह भी कहा कि तेलंगाना की केंद्रीय भौगोलिक स्थिति ने इसे देश के प्रमुख व्यावसायिक केंद्रों से जोड़ने में मदद की है, जो लोजिस्टिक्स सेक्टर में नए अवसर पैदा कर रही है।

    तेलंगाना ने कई राष्ट्रीय स्तर के लॉजिस्टिक्स हब और इंटरमोडल फैसिलिटी सेंटर स्थापित किए हैं, जो माल परिवहन की प्रक्रिया को सुगम और प्रभावी बनाते हैं। राज्य सरकार निरंतर तकनीकी उन्नतियों और डिजिटल समाधानों को अपनाकर लॉजिस्टिक्स क्षेत्र में सुधार कर रही है।

    मंत्री श्रीधर बाबू ने आगे कहा कि सरकार उद्योगपतियों और निवेशकों के लिए चार्टर ऑफ इज आफ डूइंग बिजनेस को भी लागू कर रही है, जिससे निवेशकों को बिना किसी बाधा के अपने कारोबार को विस्तारित करने में मदद मिल रही है। उन्‍होंने यह भी बताया कि राज्य ने रेलवे और सड़क नेटवर्क को बेहतर बनाने में विशेष ध्यान दिया है, ताकि माल का त्वरित और सुरक्षित परिवहन हो सके।

    तेलंगाना के इस प्रयास से न केवल स्थानीय व्यावसायिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा बल्कि रोजगार के अवसर भी बढ़ेंगे। राज्य सरकार का मानना है कि लॉजिस्टिक्स क्षेत्र में निवेशों के माध्यम से तेलंगाना आर्थिक विकास की नई ऊँचाइयों को छू सकता है।

    इस दिशा में तेलंगाना और केंद्र सरकार के सहयोग से लॉजिस्टिक्स क्षेत्र को डबल डिजिटलाइजेशन और ग्रीन लॉजिस्टिक्स की ओर भी बढ़ाया जा रहा है, जो पर्यावरण के अनुकूल और ऊर्जा कुशल उपाय होंगे। इसके तहत इलेक्ट्रिक वाहनों और स्वच्छ ऊर्जा से संचालित गोदामों का निर्माण भी हो रहा है।

    अंत में, मंत्री ने कहा कि तेलंगाना राज्य के संशोधित लॉजिस्टिक्स नीति के तहत निवेशकों को अधिकतम लाभ उपलब्ध कराने के लिए हर संभव प्रयास किया जाएगा ताकि राज्य देश के प्रमुख लॉजिस्टिक्स हब के रूप में स्थापित हो सके। यह कदम निश्चित रूप से तेलंगाना के आर्थिक विकास में एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।

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