तेलंगाना सरकार ने कर प्रवर्तन, जीएसटी प्रतिनिधित्व, उत्पाद शुल्क राजस्व, परिसंपत्ति मुद्रीकरण और भूमि पूलिंग पहलों की समीक्षा की, जिसमें हरियाणा नगर विकास प्राधिकरण (HMDA) के अंतर्गत परियोजनाएं भी शामिल हैं। उप मुख्यमंत्री भट्टी ने संबंधित विभागों को राजस्व संग्रह में वृद्धि के लिए सख्त दिशानिर्देश दिए हैं।
सरकार के वरिष्ठ अधिकारियों ने बताया कि कर प्रवर्तन को और प्रभावी बनाने के लिए तकनीकी सुधारों और निगरानी तंत्र को मजबूत किया जाएगा। जीएसटी प्रतिनिधित्व सरकार की आय का अहम हिस्सा है, इसलिए इसकी सही वसूली और प्रबंधन पर विशेष ध्यान दिया जाएगा।
उत्पाद शुल्क राजस्व में वृद्धि के लिए विभिन्न उपायों की रूपरेखा तैयार की गई है। इस दौरान निर्माताओं और व्यापारियों से जुड़ी प्रक्रियाओं को सरल बनाकर कर प्रसंस्करण में तेजी लाने की योजना है। साथ ही, गलत और छिपे राजस्व को पकड़ने के लिए जांच को कड़ा किया जाएगा।
परिसंपत्ति मुद्रीकरण भी सरकार की राजस्व वृद्धि रणनीति का एक मुख्य हिस्सा है। इसके तहत सरकारी संपत्तियों और निवेशों का लाभ उठाकर अतिरिक्त आय स्रोत विकसित करने की योजना है। भूमि पूलिंग पहल के माध्यम से भी शहरों के विकास की गति तेज होगी, जिससे भूमि के बेहतर उपयोग से राजस्व में सुधार होगा।
HMDA के अधीन चल रही विभिन्न परियोजनाओं की समीक्षा के दौरान उनके वित्तीय प्रबंधन और निवेश सूक्ष्मता से जांचे गए। इससे न केवल परियोजनाओं की गुणवत्ता सुनिश्चित होगी बल्कि राजस्व की नियमित धारा भी स्थिर होगी।
उप मुख्यमंत्री भट्टी ने सभी संबंधित विभागों से अधिकतम पारदर्शिता और जवाबदेही के साथ काम करने को कहा है ताकि वित्तीय लक्ष्यों को समय पर पूरा किया जा सके। उन्होंने कहा कि राज्य की आर्थिक प्रगति के लिए राजस्व वृद्धि आवश्यक है और इसके लिए समन्वित प्रयास किए जाएंगे।
सरकार ने कहा कि यह कदम न केवल वर्तमान आर्थिक स्थिति को मजबूती देगा बल्कि भविष्य की योजनाओं के लिए भी वित्तीय आधार प्रदान करेगा, जिससे राज्य में विकास कार्य सुचारू और तेज़ गति से आगे बढ़ सकेगा।

