जयपुर। राजस्थान के बारां जिले में नशा तस्करी के खिलाफ पुलिस ने एक अहम कार्रवाई की है। पुलिस ने कुख्यात ड्रग तस्कर बिरामचंद लोधा और उनके परिवार की करीब 3.92 करोड़ रुपए की चल-अचल संपत्तियां और बैंकिंग चैनल स्थायी रूप से फ्रीज कर दिए हैं। यह कार्रवाई ‘ऑपरेशन वज्र प्रहार’ के तहत नारकोटिक ड्रग्स एंड साइकोट्रॉपिक सब्सटेंस (एनडीपीएस) एक्ट की धारा 68एफ के अंतर्गत की गई है।
बारां के पुलिस अधीक्षक अभिषेक अंदासु ने बताया कि राज्य सरकार की जीरो टॉलरेंस नीति के तहत यह अभियान नशा तस्करी की आर्थिक जड़ों को खत्म करने के लिए चलाया जा रहा है। उनका कहना है कि केवल तस्करों की गिरफ्तारी नहीं, बल्कि उनके अवैध धन से बने आर्थिक साम्राज्य को पूरी तरह से ध्वस्त करना भी आवश्यक है।
जांच में पता चला कि सारथल थाना क्षेत्र के डोकरी खोह निवासी बिरामचंद लोधा ने अपनी पत्नी फूलाबाई, भाई राहुल लोधा और भाभी भावना के नाम पर कई संपत्तियों में नशा तस्करी से हुई कमाई को निवेश किया था।
फ्रीज की गई संपत्ति में 1 करोड़ 60 लाख 26 हजार 526 रुपए की चल-अचल संपत्तियां शामिल हैं जिनमें दो आलीशान मकान, पांच भूखंड, दो कारें (मारुति और ईको) एवं एक मोटरसाइकिल हैं। इसके साथ ही बैंक खातों में 2 करोड़ 32 लाख 54 हजार 585 रुपए के संदिग्ध लेन-देन भी मिले हैं।
पुलिस द्वारा किए गए वित्तीय ऑडिट से पता चला कि पिछले एक वर्ष में परिवार के खातों में भारी मात्रा में लेन-देन हुआ, जबकि वैध आय के स्रोत नहीं मिले। जांच एजेंसियों ने इन लेन-देन को संदिग्ध मानते हुए कार्रवाई की है।
बिरामचंद लोधा पहले से ही एनडीपीएस एक्ट के तहत तीन गंभीर मामलों में आरोपी है, जिनमें से एक मामला व्यावसायिक मात्रा में मादक पदार्थों की तस्करी से जुड़ा है।
पुलिस ने इससे पहले भी उनकी तस्करी गतिविधियों के खिलाफ 250 किलोग्राम डोडा चूरा बरामद किया था जिसकी अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमत लगभग 10 लाख रुपए आंकी गई थी। इसके अलावा तस्करी में उपयोग की गई लगभग 8 लाख रुपए की कार भी जब्त की गई थी।
यह पूरी कार्रवाई एसपी कार्यालय और सारथल थाना पुलिस की संयुक्त विशेष टीम ने की है। पुलिस का कहना है कि भविष्य में भी नशा तस्करों के खिलाफ इसी तरह आर्थिक स्तर पर कड़ी कार्रवाई जारी रहेगी ताकि नशीली वस्तुओं के व्यापार के स्रोत को पूरी तरह समाप्त किया जा सके।

