केटीआर ने ₹1,600 करोड़ के सिंगरैनी कोयला गायब होने की जांच की मांग की

Rashtrabaan

    केटीआर ने हाल ही में केंद्रीय कोयला मंत्री जी किशन रेड्डी को एक पत्र लिखा है, जिसमें सिंगरैनी कोल फील्ड्स में ₹1,600 करोड़ के कोयले के गायब होने को लेकर गहन जांच की मांग की गई है। इस पत्र में केटीआर ने कोयला भण्डार के आधिकारिक रिकॉर्ड और विभिन्न खदानों में कोयले की वास्तविक उपलब्धता के बीच गंभीर विसंगतियों को उठाया है।

    पत्र में स्पष्ट किया गया है कि सिंगरैनी खानों में कोयले की भंडारण रिपोर्ट और फिजिकल स्टॉक के आँकड़ों में भारी अन्तर पाया गया है, जिससे गड़बड़ी की संभावनाएँ बढ़ जाती हैं। केटीआर ने इस मामले में तुरंत और पारदर्शी जांच कराकर दोषियों के खिलाफ उचित कार्रवाई की मांग की है ताकि कोयला संसाधनों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।

    सिंगरैनी कोल फील्ड्स देश के प्रमुख कोयला उत्पादन क्षेत्रों में से एक है जहाँ से राज्य और केंद्र सरकार को भारी राजस्व प्राप्त होता है। ऐसे में कोयले के गायब होने की ख़बर ने संसाधनों के प्रबंधन और निगरानी पर सवाल खड़े कर दिए हैं। केटीआर ने इस मामले को लेकर सतर्कता बरतते हुए कहा कि जांच के बिना सच्चाई सामने नहीं आ पाएगी और इससे कोयला क्षेत्र की विश्वसनीयता प्रभावित हो सकती है।

    इस पत्र के माध्यम से उन्होंने मंत्रालय से मांग की है कि वे संबंधित विभागों की तत्काल समीक्षा करें और दोषी व्यक्तियों या एजेंसियों की पहचान कर कदम उठाएं। उन्होंने यह भी कहा कि कोयला चोरियों और हेराफेरी पर नकेल कसने के लिए कड़े नियम लागू किए जाने चाहिए ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकी जा सके।

    केटीआर की इस मांग ने कोयला उद्योग में पारदर्शिता की जरूरत पर जोर दिया है। विशेषज्ञों का मानना है कि कोयला भंडारण और वितरण के सभी स्तरों पर उचित निगरानी और सटीक डेटा अभिलेख बनाना अत्यंत आवश्यक है। इससे न केवल आर्थिक हानि को रोका जा सकेगा, बल्कि संबद्ध उद्योगों को भी नियमित कोयला आपूर्ति सुनिश्चित होगी।

    सिंगरैनी कोयला खोने के आरोपों की जांच के व्यापक दायरे में, संबंधित सभी सरकारी एजेंसियां और उत्तरदायी अधिकारी इस विषय पर संवेदनशीलता दिखाते हुए कार्रवाई कर रहे हैं। इस दिशा में होने वाली पहल से सरकार की ईमानदारी और प्रबंधन क्षमता का भी आकलन होगा। आम जनता और उद्योग जगत दोनों इस मामले की निष्पक्ष जांच की अपेक्षा कर रहे हैं।

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