मानगढ़ धाम को राष्ट्रीय स्मारक के रूप में विकसित करने की योजना को साकार करने के लिए भाजपा प्रदेशाध्यक्ष डॉ. सतीश पूनियां, केंद्रीय मंत्री अर्जुनराम मेघवाल और गुलाबचंद कटारिया ने उदयपुर में महत्वपूर्ण बैठक की। यह बैठक प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ऐतिहासिक कार्यक्रम से पूर्व आयोजित की गई, जो 1 नवम्बर को मानगढ़ धाम में संपन्न होगा।
डॉ. सतीश पूनियां ने बताया कि गुजरात के मुख्यमंत्री रहते हुए नरेंद्र मोदी ने मानगढ़ धाम को एक महत्त्वपूर्ण धार्मिक एवं सांस्कृतिक केंद्र के रूप में विकसित करने का स्वप्न देखा था। प्रधानमंत्री बनने के बाद अब वे इसी सपने को पूर्णता प्रदान करेंगे। इस दिशा में अनेक योजनाओं और विकास कार्यों की रूपरेखा तैयार कर ली गई है, जिससे मानगढ़ धाम न केवल धार्मिक आस्था का प्रतीक बनेगा, बल्कि क्षेत्र का विकास भी सुनिश्चित होगा।
केंद्रीय मंत्री अर्जुनराम मेघवाल ने इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि मानगढ़ धाम की राष्ट्रीय स्मारक के रूप में पहचान न केवल धार्मिक श्रद्धालुओं को आकर्षित करेगी, बल्कि पर्यटन और स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी मजबूत बनाएगी। उन्होंने बताया कि केंद्र और राज्य सरकार दोनों इस परियोजना में साझेदारी कर रहे हैं ताकि इसका प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित हो सके।
गुलाबचंद कटारिया ने इस अवसर पर बताया कि कार्यक्रम के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी कई योजनाओं की भी घोषणा करेंगे, जो क्षेत्रीय विकास को गति प्रदान करेंगी। उन्होंने कहा कि यह प्रचार से परे एक सशक्त प्रयास होगा जो मानगढ़ धाम को देश-विदेश में विशेष पहचान दिलाएगा।
प्रशासन की ओर से भी मानगढ़ क्षेत्र के संरचनात्मक सुधार, बेहतर सड़क संचार, पर्यावरण संरक्षण और सांस्कृतिक कार्यक्रमों को बढ़ावा देने के लिए विस्तृत योजना तैयार की गई है, जिससे यहां आने वाले श्रद्धालुओं को बेहतर सुविधा और अनुभव प्राप्त हो सके।
मानगढ़ धाम का राष्ट्रीय स्मारक बनने से ना केवल धार्मिक महत्व बढ़ेगा बल्कि यह क्षेत्र सामाजिक-आर्थिक दृष्टि से भी विकसित होगा। स्थानीय लोगों को रोजगार व व्यवसाय के नये अवसर मिलेंगे और क्षेत्र की सांस्कृतिक विरासत को संरक्षित करने में भी मदद मिलेगी।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 1 नवम्बर के आगमन से पहले यह बैठक सभी संबंधित पक्षों के बीच सहयोग और संकल्प की भावना को मजबूत करने वाली साबित हुई है। मानगढ़ धाम के ऐतिहासिक और धार्मिक महत्व को राष्ट्रीय स्तर पर मान्यता मिलने से इस क्षेत्र का भविष्य उज्जवल होगा, ऐसा सभी प्रतीत करते हैं।

