जनहित परियोजनाओं में हो रही देरी पर राजस्थान के मुख्यमंत्री ने दी कड़ी चेतावनी

Rashtrabaan

    जयपुर। राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने अधिकारियों को जनहित परियोजनाओं में हो रही अनावश्यक देरी पर कड़ी चेतावनी दी है। उन्होंने स्पष्ट कहा कि जल आपूर्ति, बिजली, स्वास्थ्य सेवा और सड़कों जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्र में लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी और जिम्मेदार अधिकारी जवाबदेह होंगे।

    मुख्यमंत्री कार्यालय में आयोजित छठी ‘राज उन्नति’ बैठक में शर्मा ने बताया कि कार्य संचालन में विलंब करने वाले अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई अमल में लाई जाएगी ताकि विकास कार्यों में तेजी लाई जा सके। उन्होंने सांगानेर स्थित सीईटीपी पंपिंग स्टेशन तथा पाइपलाइन निर्माण में हो रही देरी पर कड़ा रुख अपनाते हुए अधिकारियों को त्वरित निरीक्षण और आवश्यक कदम उठाने का आदेश दिया।

    इसके अलावा मुख्यमंत्री ने मुख्य सचिव को निर्देश दिया कि परियोजनाओं से जुड़ी भूमि अधिग्रहण, निविदा प्रक्रिया तथा कार्य आदेश जारी करने की प्रक्रियाओं को सरल और प्रभावी बनाया जाए जिससे समय की बचत हो और कार्य तेजी से संपन्न हों।

    श्री गंगानगर में प्रशासनिक लापरवाही के चलते दो अलग-अलग पट्टे जारी करने तथा सार्वजनिक भूमि पर व्यावसायिक पट्टे देने के मामले में शहरी यातायात विभाग के सचिव एवं छह अन्य वरिष्ठ अधिकारियों को तत्काल प्रभाव से निलंबित करने का फैसला लिया गया है। यह कदम सरकार की निष्पक्ष और जवाबदेही वाली प्रशासनिक नीति का उदाहरण है।

    शिकायतों के यथासमय निवारण के लिए मुख्यमंत्री द्वारा अधिकारियों को निर्देश दिया गया कि वे संपर्क पोर्टल पर प्राप्त शिकायतों की जिलावार रिपोर्ट तैयार करें और नियमित सुधारात्मक कार्रवाई करें। हनुमानगढ़ के एक निवासी द्वारा सार्वजनिक मार्ग से अतिक्रमण हटाने की सराहना पर मुख्यमंत्री ने आवश्यकतानुसार सभी जिलों में सेवा शिविर का आयोजन कर अतिक्रमण नियंत्रण एवं राजस्व मामलों का समाधान सुनिश्चित करने के भी निर्देश दिए।

    इसके अतिरिक्त उन्होंने जिला कलेक्टरों को मानसून से पूर्व नालियों की सफाई, सड़क मरम्मत का कार्य पूरा करने तथा मौसम संबंधी बीमारियों से बचाव हेतु तैयारियां सुनिश्चित करने का भी स्पष्ट निर्देश दिया। मुख्य सचिव को प्रमुख परियोजनाओं की मासिक समीक्षा कर सरकारी अस्पतालों में दवाओं की खरीद तथा उपलब्धता की निगरानी हेतु एक समिति गठित करने की भी जिम्मेदारी सौंपी गई है।

    यह प्रतिबद्धता स्पष्ट करती है कि राजस्थान सरकार जनसुविधाओं को प्रभावी ढंग से समयबद्ध तरीके से सुनिश्चित करने के लिए समर्पित है और प्रशासनिक अक्षमता के खिलाफ सख्त कदम उठाएगी। जनहित परियोजनाओं की गति बढ़ाने के लिए यह कदम पूरे प्रदेश में एक प्रेरणा का स्रोत साबित होंगे।

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