मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में शनिवार को दोपहर हड़कंप मचाने वाला एक मामला सामने आया, जब बच्चों से भरी एक स्कूल वैन पर हमला किया गया। यह घटना कोलार थाना के ओम नगर इलाके में हुई, जहां बाइक पर सवार तीन बदमाशों ने न केवल स्कूल वैन का रास्ता अवरुद्ध किया बल्कि चालक पर चाकू से भी हमला बोल दिया।
घटना के दौरान स्कूल वैन में सवार बच्चे डर के मारे चीख-पुकार मचाने लगे। चालक अयाज खान, जो बैरागढ़ चीचली निवासी हैं, घायल हो गए और उन्हें तुरंत अस्पताल पहुंचाया गया। उनकी हालत फिलहाल स्थिर बताई जा रही है।
जमीन विवाद की वजह से हमला
पुलिस के अनुसार शुरुआती जांच में यह पता चला है कि इस हमले के पीछे जमीन विवाद है। आरोपित और अयाज खान के बीच कई दिनों से जमीन को लेकर आपसी लड़ाई चल रही थी। इसी रंजिश ने इन्हें यह नाटकीय हमला करने पर मजबूर किया। घटना वाली जगह पर बाइक से आए तीनों बदमाशों ने वैन का रास्ता रोक कर पत्थर फेंके और फिर चालक पर हमला कर दिया।
दूर से पहुंची भीड़ ने बदमाशों को पकड़ने की कोशिश की, लेकिन वे पहले ही भाग निकले। इससे वैन में मौजूद बच्चों को कोई शारीरिक चोट नहीं आई, फिर भी वे अत्यंत भयभीत थे। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि क्या आरोपी वारदात को अंजाम देने से पहले इलाके की रेकी कर चुके थे या नहीं।
पुलिस जांच और सीसीटीवी फुटेज की खोज जारी
घटना स्थल पर पहुंची पुलिस ने मौके से सीसीटीवी फुटेज जमा करना शुरू कर दिया है ताकि आरोपितों की पहचान की जा सके। कोलार थाना पुलिस ने अयाज खान की शिकायत पर हत्या के प्रयास सहित अन्य धाराओं में मामला दर्ज किया है। एसआई जोगेंद्र नेगी ने बताया कि फिलहाल आरोपियों की पहचान नहीं हुई है, लेकिन उनकी गिरफ्तारी के लिए अलग-अलग टीमें सक्रिय हैं।
स्थानीय लोगों से पूछताछ कर पुलिस घटना की विभिन्न पहलुओं की जांच कर रही है। पुलिस का मानना है कि बच्चों की सुरक्षा सर्वोपरि है और इसी दृष्टिकोण से इस मामले को गंभीरता के साथ देखा जा रहा है। अगर जमीन विवाद ही हमला करने की वजह सामने आता है तो उससे जुड़े सारे तथ्य भी जांचे जाएंगे।
यह घटना स्कूल वाहनों की सुरक्षा के मसले पर भी नए सिरे से सवाल पैदा करती है। आबादी वाले क्षेत्रों में सुरक्षा व्यवस्था और बच्चों की सुरक्षित आवाजाही सुनिश्चित करने के लिए ठोस कदम उठाने की आवश्यकता है। इस हमले ने एक बार फिर से यह संकेत दिया है कि सामाजिक विवाद कभी भी नकारात्मक रूप ले सकता है और बच्चों के भविष्य को प्रभावित कर सकता है।

