बैतूल: मुख्यमंत्री मोहन यादव ने कुकरू को पर्यटन का प्रमुख केंद्र बनाने का दिया संदेश, स्व-सहायता समूह की महिलाओं के आत्मनिर्भर मॉडल की प्रशंसा की

Rashtrabaan

    मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव का हाल ही में बैतूल जिले के कुकरू हिल स्टेशन का दौरा हुआ, जहां उन्होंने ग्रामीणों और स्व-सहायता समूह की महिलाओं से मुलाकात की। इस दौरान उन्होंने महिलाओं द्वारा चलाए जा रहे स्व-सहायता समूह की गतिविधियों का विस्तृत अवलोकन किया और उनके आत्मनिर्भरता के प्रयासों को लेकर उनकी सराहना की। मुख्यमंत्री ने स्वयं मावा और रबड़ी का स्वाद भी चखा, जो उनके लिए एक खास अनुभव था।

    मुख्यमंत्री ने महिलाओं से समूह की गतिविधियों, आय के स्रोतों तथा विभिन्न सरकारी योजनाओं से मिलने वाले सहयोग के बारे में जानकारी प्राप्त की। उन्होंने स्व-सहायता समूहों की भूमिका को न केवल आर्थिक सशक्तिकरण के दृष्टिकोण से महत्वपूर्ण बताया, बल्कि बताया कि ये समूह ग्रामीण अर्थव्यवस्था को भी मजबूत कर रहे हैं जिससे महिलाओं को स्थायी रोजगार मिल पा रहा है। डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश सरकार महिलाओं के सशक्तिकरण के लिए निरंतर प्रयास कर रही है और स्वरोजगार को प्रोत्साहित करने के लिए कई योजनाएं लागू कर रही है।

    स्व-सहायता समूह महिलाओं की आर्थिक सफलता

    मुख्यमंत्री ने कुकरू से सिपना सनसेट पॉइंट का भी दौरा किया, जहां उन्होंने प्राकृतिक सौंदर्य का आनंद लिया। उन्होंने वहां मावा बनाने की प्रक्रिया स्थानीय महिलाओं से देखी और महिलाओं से व्यवसाय के बारे में संवाद किया। कृष्णा आजीविका स्व-सहायता समूह की अध्यक्ष शोभा गायने ने मुख्यमंत्री को बताया कि उनके समूह को विभिन्न सरकारी योजनाओं के तहत वित्तीय सहायता मिली है, जिसमें कुल तीन लाख रुपये सीसीएल, एक लाख रुपये सीआईएफ, 11 हजार रुपये आरएफ और 40 हजार रुपये पीएमएफएमई योजना के अंतर्गत शामिल हैं। इस समूह में वर्तमान में 11 सदस्य कार्यरत हैं, जो आजीविका मिशन के सहयोग से मावा बनाने की स्वचलित मशीन का इस्तेमाल कर प्रति माह लगभग 25 हजार रुपये की आय अर्जित कर रहे हैं।

    समूह की अन्य महिलाओं ने मुख्यमंत्री को बताया कि वे पशुपालन, दुग्ध उत्पादन, मावा, रबड़ी और श्रीखंड के निर्माण के साथ कृषि कार्यों में भी संलग्न हैं। इससे उन्हें मासिक 15 से 18 हजार रुपये की आय हो रही है, जो उनकी आर्थिक स्थिति को मजबूत कर रही है। यह एक प्रेरणादायक मॉडल है जो ग्रामीण महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने का उदाहरण प्रस्तुत करता है।

    सिपना सनसेट पॉइंट की प्राकृतिक छटा से मंत्रमुग्ध हुए मुख्यमंत्री

    मुख्यमंत्री ने कुकरू क्षेत्र का विस्तृत भ्रमण करते हुए सिपना सनसेट पॉइंट पर सूर्यास्त के मनोहारी दृश्य का आनंद लिया। उन्होंने क्षेत्र की सुंदर हरित वनों और शांत प्राकृतिक वातावरण की प्रशंसा की। डॉ. यादव ने कहा कि कुकरू में पर्यटन को बढ़ावा देने के असाधारण अवसर मौजूद हैं और उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे इस क्षेत्र की प्राकृतिक धरोहरों के संरक्षण एवं संवर्धन में विशेष ध्यान दें।

    कुकरू को राज्य का नया पर्यटन केंद्र बनाने का संकल्प

    डॉ. मोहन यादव ने स्पष्ट कहा कि कुकरू न केवल राज्य के पर्यटन नक्शे पर महत्वपूर्ण जगह बनाएगा, बल्कि स्थानीय लोगों के लिए रोजगार के नए अवसर भी लेकर आएगा। उन्होंने ग्रामीणों और महिलाओं से संवाद में उनकी समस्याएं सुनीं और उनका समाधान सुनिश्चित करने का भरोसा दिलाया। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार कुकरू को एक प्रमुख पर्यटन केंद्र बनाने के लिए सभी आवश्यक कदम उठाएगी, जिससे यह क्षेत्र आर्थिक और सामाजिक दोनों रूप से समृद्ध होगा।

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