नई दिल्ली. नवंबर की शुरुआत होने के साथ ही लाखों कार चालकों के लिए मुसीबत बढ़ने वाली है. एक नवंबर से जनवरी तक आने वाले तीन माह काफी कठिन होने वाले हैं. इसकी वजह है एनसीआर की गाड़ियों की दिल्ली में एंट्री बैन होना है. आंकड़ो के तहत करीब दस लाख ऐसी गाड़ियां हैं, जिन्हें अगले तीन माह राजधानी में प्रवेश नहीं मिलेगा. ऐसे में रोजाना गाड़ी से दफ्तर जाने वालों को बड़ी मुसीबत का सामना करना पड़ सकता है.
आपको बता दें कि दिल्ली सरकार ने राजधानी में 1 नवंबर 2026 से 31 जनवरी 2027 तक बीएस-6 उत्सर्जन मानकों से नीचे की उन गाड़ियों के एंट्री पर रोक लगाई है, ये दिल्ली के बाहर पंजीकृत हैं. सर्दियों में प्रदूषण नियंत्रण की इस योजना के लागू होने के बाद सिर्फ बीएस-6 या इससे ऊपर की गाड़ियों को दिल्ली में एंट्री मिलेगी. ऐसे में बीएस-4 या उससे नीचे की गाडियों के राजधानी में प्रवेश पर पाबंदी लगेगी.
मीडिया रिपोर्ट मुताबिक ट्रांसपोर्ट विभाग का अनुमान है कि 1 नवंबर से लागू हो रहे इस नियम के बाद गुरुग्राम, फरीदाबाद, नोएडा, ग्रेटर नोएडा और गाजियाबाद की 10 लाख से अधिक गाड़ियां इससे प्रभावित होंगी. गुरुग्राम और फरीदाबाद में करीब दो लाख वाहन बीएस-6 मानकों को पूरा नहीं कर पाते हैं. इनमें करीब 70 प्रतिशत बीएस-3 और बीएस-4 श्रेणी की गाडियां सड़कों पर दौड़ रही हैं. इन दोनों जिलों में करीब 50 हजार कमर्शियल वाहन भी इस श्रेणी में आते हैं. जबकि नोएडा और ग्रेटर नोएडा की बात की जाए तो यहां चार लाख से अधिक ऐसी गाड़ियां प्रभावित होने वाली हैं. इनमें आधे से ज्यादा बीएस-4 पेट्रोल कारें हैं. वहीं गाजियाबाद में करीब चार लाख वाहन इस प्रतिबंध के दायरे में आते हैं.
1 नवंबर से लागू होने जा रहे इन नियमों को लेकर अभी से माहौल कड़ा हो चुका है. सुबह के घंटों में दिल्ली के एंट्री पॉइंट्स पर अब मंजर बदल गया है. यहां स्वचालित नंबर प्लेट रिकग्निशन (एएनपीआर) कैमरे और एआई-संचालित कैमरे लगातार निगरानी में लगे हुए हैं. नंबर प्लेट स्कैन होते सिस्टम अलर्ट कर देता है. इसके आलावा ट्रांसपोर्ट विभाग के करीब 300 कर्मी इन बॉर्डर्स पर तैनात किए गए हैं. ये पुलिसकर्मी लगातार यहां से गुजर रही गाड़ियों की जांज में जुट गए हैं.
सीमा पर गाड़ियों को रोककर पुलिसकर्मी फिलहाल लोगों को बीएस-6 या उससे ज्यादा की गाड़ी या फिर सीएनजी और इलेक्ट्रिक कारें ही लाने की सलाह दी गई है. सभी लोगों को जानकारी दी गई है कि एक नवंबर से उनकी गाड़ी की एंट्री दिल्ली में होना मुश्किल होगी. इस तरह से लोगों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ सकता है.
दिल्ली में लागू होने जा रहे नियमों के बाद से रोजाना दिल्ली नोएडा, गाजियाबाद और गुरुग्राम के बीच सफर करने वाले लोगों की चिंता को काफी बढ़ा दिया है. कई लोग नियमित रूप से पड़ोसी शहरों से दिल्ली की ओर रोजना ट्रैवल करते हैं. कुछ लोगों का कहना है कि वे इस दौरान पब्लिक ट्रांसपोर्ट अपनाने का प्रयास करेंगे. वहीं कुछ नई गाड़ी खरीदने का सोच रहे हैं.
दिल्ली में पेट्रोल-डीजल की बीएस-6 गाड़ियों को एंट्री मिलेगी. ऐसा इसलिए हो रहा है कि यह इंजन प्रदूषण पर लगाम लगाता है. भारत ने सन 2000 में इन इंजन की शुरुआत की थी. बीएस-2, बीएस-3, बीएस-4 होते हुए बीएस-6 तक इंजन में अपडेट हुए. इलेक्ट्रिक और सीएनजी वाहनों को इस पांबदी में छूट दी है.
दिल्ली में 1 नवंबर से इन गाड़ियों की एंट्री बंद! NCR के 10 लाख वाहन चालक प्रभावित

Highlights
- 1 नवंबर 2026 से 31 जनवरी 2027 तक दिल्ली में BS-6 से नीचे की बाहरी वाहनों पर रहेगी रोक, गुरुग्राम, नोएडा और गाजियाबाद के लाखों वाहन होंगे प्रभावित
- प्रदूषण पर लगाम लगाने के लिए बॉर्डर पर लगाए गए AI कैमरे, CNG और इलेक्ट्रिक वाहनों को मिलेगी छूट
