ड्राइविंग लाइसेंस धारकों को राहत! नाम-पता अपडेट करने का शुल्क हो सकता है खत्म

Rashtrabaan News Desk
Highlights
  • लाइसेंस में रक्त समूह और आपातकालीन नंबर दर्ज करना होगा जरूरी
  • ड्राइविंग टेस्ट में पास होने के लिए 75 प्रतिशत अंक अनिवार्य करने की तैयारी, आवेदनों पर 15 दिन में लेना होगा फैसला

    नई दिल्ली। सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय ने केंद्रीय मोटर वाहन नियमों में संशोधन का एक नया मसौदा जारी किया है, जिसमें देश के वाहन चालकों को बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है। इस प्रस्ताव के लागू होने पर ड्राइविंग लाइसेंस में नाम, पता और अन्य व्यक्तिगत जानकारी को अपडेट करने के लिए लगने वाला शुल्क पूरी तरह समाप्त हो सकता है। आधार प्रमाणीकरण के माध्यम से पूरी होने वाली कई ऑनलाइन सेवाओं को भी शुल्क-मुक्त करने की योजना है, जिससे डिजिटल प्रक्रियाओं का उपयोग अधिक सुगम हो जाएगा।
    नए मसौदे के अनुसार, अब प्रत्येक नए या नवीनीकृत ड्राइविंग लाइसेंस पर धारक का रक्त समूह, मोबाइल नंबर और आपातकालीन संपर्क नंबर अनिवार्य रूप से दर्ज करना होगा। सड़क हादसों जैसी आपात स्थितियों में जानकारी पीड़ित की पहचान करने और उसके परिजनों से संपर्क साधने में अत्यंत मददगार साबित होगी। केंद्रीय मंत्रालय ने भारतीय और विदेशी नागरिकों के लिए लाइसेंस के प्रारूप में भी बदलाव का सुझाव दिया है, जिसके तहत फॉर्म-7 के अंतर्गत लैमिनेटेड या पॉलीविनाइल क्लोराइड (पीवीसी) कार्ड के रूप में ही लाइसेंस जारी करना अनिवार्य होगा।
    इसके साथ ही, आवेदन के लिए स्वीकार्य दस्तावेजों की सूची को और स्पष्ट किया गया है, जिसमें आधार कार्ड, पासपोर्ट, मतदाता पहचान पत्र, ई-राशन कार्ड और जन्म प्रमाणपत्र को पते व उम्र के प्रमाण के रूप में मान्यता दी जाएगी। सड़क सुरक्षा को पुख्ता करने के लिए वाहन चलाने के प्रशिक्षण मानकों को भी सख्त बनाया गया है, जिसके तहत परीक्षा में उत्तीर्ण होने के लिए न्यूनतम अंक की सीमा 60 प्रतिशत से बढ़ाकर 75 प्रतिशत और प्रशिक्षण की अवधि कम से कम 30 मिनट करने का प्रस्ताव है। नागरिकों को त्वरित सेवाएं देने के लिए लाइसेंस में बदलाव से जुड़े आवेदनों पर 15 दिनों के भीतर निर्णय लेना अनिवार्य किया गया है। आवेदन खारिज होने की स्थिति में उसका कारण बताना भी जरूरी होगा। फिलहाल यह एक मसौदा है, जिस पर सरकार ने अगले 30 दिनों के भीतर जनता से सुझाव और आपत्तियां आमंत्रित की हैं। इन पर विचार करने के बाद ही नए नियमों को अंतिम रूप दिया जाएगा।

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