लखनऊ। समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने अयोध्या के राम मंदिर चढ़ावा प्रकरण को लेकर भारतीय जनता पार्टी (BJP) पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने BJP पर आरोप लगाया कि यह मामला पार्टी के दानभक्त होने के दावों की पोल खोलने वाला है और ये केवल उनके कथित कुकृत्यों की शुरुआत है। साथ ही उन्होंने इस्तीफों, केयर फंड और NEET पेपर लीक जैसे विवादों का ज़िक्र करते हुए केंद्र की भाजपा सरकार पर जमकर निशाना साधा।
अखिलेश यादव ने सोशल मीडिया के मंच एक्स (पूर्व ट्विटर) पर लिखा कि भाजपा का असली रंग अयोध्या की धरती पर सामने आ गया है। उन्होंने कहा कि प्रभु श्रीराम की अलौकिक शक्ति ने इस सरकार के मुखौटे को उतार दिया। उन्होंने बीजेपी के दावे पर कटाक्ष किया कि उन्होंने कभी इस्तीफा नहीं दिया बल्कि ‘त्यागपत्र’ दिया है, जबकि हाल में कई इस्तीफे सामने आए हैं, जिससे पार्टी की नैतिकता पर सवाल उठते हैं।
सपा प्रमुख ने आगे कहा कि यह सिर्फ शुरुआत है। अब भाजपा को केयर फंड से जुड़े घोटाले के साथ-साथ अनरजिस्टर्ड लोगों की कारगुजारियों का हिसाब भी देना होगा। भगवान के ऑडिट से भाजपा के गिरोह में बच नहीं पाएगा। उन्होंने NEET के छात्रों के जिक्र के साथ कहा कि अब जबकि इस्तीफे हो रहे हैं, तो ‘लीकाधिपति’ को भी जिम्मेदार ठहराया जाना चाहिए।
अखिलेश ने भाजपा सरकार पर लोकतंत्र खत्म करने का आरोप लगाया और कहा कि भाजपा को संविधान में कोई आस्था नहीं है। उनकी योजना है कि यदि चुनावों में हार हो तो सांसद खरीदकर संविधान में मनमाने संशोधन कराए जाएं, बिलकुल उसी तरह जैसे हिटलर ने तानाशाही स्थापित की थी।
उन्होंने बताया कि समाजवादी पार्टी का लक्ष्य है 2027 में उत्तर प्रदेश में भाजपा को सत्ता से हटाकर लोकतंत्र को बचाना। उत्तर प्रदेश की जनता के पास बहुत ताकत है जो भाजपा को सबक सिखा सकती है। उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार में वोट चोरी, चढ़ावा-चंदा चोरी आम बात हो गई है और केंद्र सरकार की केंद्रीय बलों के प्रयोग से भी ये गलतियां हो रही हैं। मंदिरों में चढ़ावा चोरी भाजपा की संस्कृति बन गई है और उन्हें भगवान की कोई परवाह नहीं है।
अखिलेश यादव ने बताया कि प्रदेश के हर विभाग में भ्रष्टाचार और अनियमितता आम है। पुल, सड़क और पानी की टंकियों का घटिया निर्माण हुआ है, जिसकी वजह से यह सब टिकाऊ नहीं है। उन्होंने स्पष्ट किया कि उत्तर प्रदेश की जनता अब भाजपा सरकार को बर्दाश्त नहीं करेगी और 2027 में समाजवादी पार्टी की सरकार बनाने की दिशा में काम करेगी। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र और संविधान की रक्षा के लिए समाजवादी पार्टी की सरकार बनाना अति आवश्यक है, अन्यथा उत्तर प्रदेश का विधानसभा चुनाव देश का अंतिम चुनाव साबित हो सकता है।

