कोयला मंत्री किशन रeddy ने एससीसीएल (सिंधु कोल्फील्ड्स कंपनी लिमिटेड) की निरंतर वृद्धि और वित्तीय स्थिरता को सर्वोपरि मानते हुए इसकी महत्ता पर विशेष जोर दिया है। उन्होंने कहा कि एससीसीएल की मजबूती न केवल तेलंगाना राज्य की अर्थव्यवस्था के लिए बल्कि पूरे देश के कोयला उत्पादन के लिहाज से भी अत्यंत महत्वपूर्ण है।
मंत्री ने यह स्पष्ट किया कि कोयले की गुमशुदगी के आरोप न केवल कंपनी की छवि को प्रभावित करते हैं बल्कि इससे कोयला उत्पादन और आपूर्ति चेन पर भी गंभीर असर पड़ सकता है। इसलिए तेलंगाना के मुख्यमंत्री से आग्रह किया गया है कि वे इस मामले की उच्च स्तरीय जांच सुनिश्चित करें ताकि वास्तविक स्थिति सामने आ सके और यदि कोई अनियमितता है तो उसका उचित समाधान किया जा सके।
कृष्ण रेड्डी ने बताया कि एससीसीएल ने पिछले कुछ वर्षों में उत्पादन क्षमता में काफी वृद्धि की है और वित्तीय दृष्टि से भी कंपनी ने मजबूत प्रदर्शन किया है। उन्होंने कहा कि इस कंपनी की सफलता का सीधा असर क्षेत्रीय विकास, रोजगार सृजन और ऊर्जा सुरक्षा पर पड़ता है। ऐसे में किसी भी तरह की अनियमितता या गुमशुदगी की खबर को गंभीरता से लिया जाना चाहिए।
मंत्री ने आगे कहा कि कोयला उत्पादन क्षेत्र में पारदर्शिता और जवाबदेही बढ़ाने के लिए कदम उठाने होंगे। उन्होंने कंपनी प्रबंधन से भी आग्रह किया कि वे बिजनेस प्रथाओं में सुधार करें और रिपोर्टिंग प्रणाली को मजबूत बनाएं जिससे इस प्रकार की शिकायतों को रोका जा सके।
तेलंगाना मुख्यमंत्री से कहा गया है कि वे एससीसीएल के निगरानी तंत्र की समीक्षा कराएं और यदि आवश्यक हो तो बाहरी एजेंसियों से जांच कराकर तथ्यात्मक जानकारी सार्वजनिक करें। इसके अलावा, स्थानीय सरकार को भी निर्देश दिए गए हैं कि वे कोयला उद्योग की गतिविधियों पर पैनी नजर रखें और किसी भी अनियमितता को रोकने के लिए सक्रिय रूप से काम करें।
कुल मिलाकर, मंत्री किशन रेड्डी का यह मानस है कि एससीसीएल की सुव्यवस्था और पारदर्शिता ही कंपनी की निरंतर वृद्धि और क्षेत्रीय विकास की कुंजी है। उन्होंने सुनिश्चित किया कि केंद्र सरकार इस दिशा में हर संभव समर्थन देने को तैयार है ताकि कोयला उद्योग मजबूत और भरोसेमंद बना रहे।

