राष्ट्रीय पल्स पोलियो अभियान 2026: भोपाल-रायपुर में आज बच्चों को पिलाई जाएगी पोलियो की दवा, जानें पूरी व्यवस्था

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    राष्ट्रीय पल्स पोलियो अभियान 2026 पूरे देश में जोरों-शोरों से चल रहा है, जिसका उद्देश्य पाँच वर्ष तक के बच्चों को पोलियो रोधी दवा पिलाकर इस जानलेवा बीमारी से बचाव करना है। भोपाल और रायपुर जैसे प्रमुख शहरों में इस अभियान की तैयारियां पूरी हो चुकी हैं तथा स्थानीय प्रशासन ने हर सम्भव कोशिश की है कि किसी भी बच्चे को इस महत्वपूर्ण टीकाकरण से वंचित न रहना पड़े। स्वास्थ्य विभाग ने अभिभावकों से अपील की है कि वे अपने बच्चों को नजदीकी पोलियो बूथ पर अवश्य लेकर जाएं।

    भोपाल में व्यापक तैयारी और लक्षित टीकाकरण

    भोपाल जिले में इस बार 3.32 लाख से भी अधिक पांच साल तक के बच्चों को पोलियो की दवा पिलाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। लगभग 2,710 पोलियो बूथ स्थापित किए गए हैं जहां बच्चे सुरक्षित तरीके से पोलियो रोधी दवा प्राप्त कर सकेंगे। स्वास्थ्य विभाग ने 306 सुपरवाइजर, 121 ट्रांजिट टीमें तथा 52 मोबाइल टीमें तैनात की हैं, जो बस स्टैंड, रेलवे स्टेशन जैसे भीड़-भाड़ वाले क्षेत्रों में भी जाकर टीकाकरण सुनिश्चित करेंगी। इससे अधिकतम संख्या में बच्चों तक दवा पहुंचाने में मदद मिलेगी।

    जिला पंचायत की मुख्य कार्यकारी अधिकारी, इला तिवारी ने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि अभियान के पहले दिन ज्यादा से ज्यादा बच्चों को दवा पिलाना प्राथमिकता होनी चाहिए। इसके साथ ही आयुष्मान भारत डिजिटल मिशन के अंतर्गत निजी अस्पतालों और क्लीनिकों का रजिस्ट्रेशन तेजी से पूरा करने के निर्देश भी जारी किए गए हैं ताकि मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य सेवाएं बेहतर बनें।

    रायपुर में अत्याधुनिक व्यवस्था, घर-घर पहुंचेंगी टीमें

    रायपुर में भी 1,381 पोलियो बूथ बनाए गए हैं, और लगभग 3.45 लाख बच्चों को पोलियो की दवा पिलाने का लक्ष्य रखा गया है। यदि कोई बच्चा 28 जून को किसी कारणवश बूथ पर नहीं पहुंच पाता है, तो 29 और 30 जून को स्वास्थ्य विभाग की टीमें उनके घर जाकर उन्हें पोलियो रोधी दवा देंगी।

    स्वास्थ्य विभाग ने यह खास रणनीति बनाई है ताकि हर बच्चे को समय पर वैक्सीन मिले जो पोलियो से सुरक्षा का सबसे प्रभावी उपाय है। विशेषज्ञों का कहना है कि पोलियो मुक्त भारत को बनाये रखने में प्रत्येक अभियान की सफलता में हर बच्चे का योगदान बेहद जरूरी है, इसलिए अभिभावकों को चाहिए कि वे किसी भी तरह की अफवाहों से प्रभावित न हों और अपने बच्चों का टीकाकरण निश्चिंत कराएं।

    इस तरह राष्ट्रीय पल्स पोलियो अभियान के माध्यम से देश में पोलियो बीमारी का नियंत्रण सुनिश्चित किया जा रहा है, और बच्चों के उज्जवल और स्वस्थ भविष्य के लिए यह एक महत्वपूर्ण कदम साबित हो रहा है। अभिभावकों की सक्रिय भागीदारी से ही यह अभियान सफल हो सकेगा।

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