जम्मू, राष्ट्रबाण। जम्मू-कश्मीर में मंत्रिमंडल फेरबदल के बाद सत्ताधारी नेशनल कॉन्फ्रेंस (एनसी) के भीतर असंतोष की खबरें सामने आई हैं। पार्टी के कम से कम 18 विधायकों ने श्रीनगर में लोलाब के विधायक कैसर जमशेद लोन के आवास पर एक बैठक की। 27 अक्टूबर को हुए मंत्रिमंडल फेरबदल के बाद हुई इस बैठक को पार्टी के भीतर बढ़ती नाराजगी के सामने आने से जोड़कर देखा जा रहा है।
मंत्रिमंडल विस्तार में नेशनल कॉन्फ्रेंस के चार विधायकों अली मोहम्मद सागर, मीर सैफुल्ला, शमीमा फिरदौस और अल्ताफ अहमद कालू को मंत्रिपरिषद में शामिल किया गया था, जबकि निर्दलीय विधायक सतीश शर्मा को बाहर कर दिया गया। बैठक में शामिल एक वरिष्ठ विधायक ने इसे केवल दोस्ताना लंच बताया और किसी राजनीतिक महत्व से इनकार किया।
हालांकि, सूत्रों के मुताबिक विधायकों ने कैबिनेट व्यवस्था और पार्टी के संगठनात्मक कामकाज को लेकर अपनी नाराजगी जाहिर की। साथ ही सर्वसम्मति से तय किया गया कि कोई भी विधायक पार्टी नहीं छोड़ेगा और न ही पार्टी तोड़ने की कोशिश करेगा।
सूत्रों के अनुसार, विधायकों ने नजीर अहमद के नेतृत्व में चार सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल बनाने का फैसला किया है। यह प्रतिनिधिमंडल पार्टी अध्यक्ष फारूक अब्दुल्ला और मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला को ज्ञापन सौंपेगा। इसमें कैबिनेट व्यवस्था में बदलाव और दो साल से अधिक समय से मंत्री पद पर बने नेताओं को हटाने की मांग शामिल हो सकती है।
विधायकों ने मुख्यमंत्री के राजनीतिक सलाहकार नासिर सोगमी की भूमिका पर भी सवाल उठाए हैं। उन पर पार्टी नेतृत्व को गुमराह करने और संगठनात्मक मामलों में हस्तक्षेप करने के आरोप लगाए गए हैं। विधायक उनके इस्तीफे, बिना शर्त माफी और पद से हटाने की मांग कर सकते हैं। प्रतिनिधिमंडल की मुलाकात और नेतृत्व की प्रतिक्रिया के बाद ही विधायक आगे की रणनीति तय करेंगे।
जम्मू-कश्मीर में मंत्रिमंडल फेरबदल के बाद नेशनल कॉन्फ्रेंस में नाराजगी, 18 विधायकों की बैठक से बढ़ी सियासी हलचल

