सिवनी, राष्ट्रबाण। जिला प्रशासन और आबकारी विभाग की तानाशाही के खिलाफ सिवनी की मातृशक्ति का भीषण आक्रोश सामने आया है। नगर की हृदय स्थली और विद्या भूमि माने जाने वाले भैरोगंज क्षेत्र में दलसागर-बी से स्थानांतरित की गई शराब दुकान खोले जाने पर महिलाओं का गुस्सा फूट पड़ा। रातों-रात गुपचुप तरीके से खोली गई शराब दुकान को देखकर आक्रोशित महिलाओं ने कानून अपने हाथ में लेते हुए दुकान में जमकर तोड़फोड़ की, अंदर से शराब की बोतलें बाहर खींचकर लाई, उन्हें आग के हवाले कर दिया और मुंगवानी रोड पर चक्काजाम कर दिया।

शासन और प्रशासन के कानों पर जूं न रेंगने से नाराज महिलाओं ने साफ कर दिया है कि जब तक भैरोगंज से शराब दुकान का नामोनिशान नहीं मिटाया जाता और कलेक्टर खुद मौके पर आकर लिखित आश्वासन नहीं देते, तब तक उनका आंदोलन खत्म नहीं होगा। समाचार लिखे जाने तक महिलाएं अपनी जिद पर अड़ी हुई थीं और मुंगवानी रोड पर तनावपूर्ण स्थिति बनी हुई थी।

पुलिस और आबकारी अमले के फूले हाथ-पांव, एडिशनल SP को भी दिखाया ठेंगा
घटना की खबर मिलते ही सिवनी पुलिस बल और आबकारी विभाग के वरिष्ठ अधिकारी दलबल के साथ मौके पर पहुंचे। अधिकारियों ने आंदोलित महिलाओं को कानूनी कार्रवाई की चेतावनी देने के साथ-साथ समझाने का प्रयास किया और सड़क से हटने का अनुरोध किया, लेकिन महिलाओं का रुख बेहद कड़ा था। स्थिति बिगड़ती देख पुलिस विभाग से एडिशनल एसपी स्वयं पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। उन्होंने महिलाओं को शांत कराने और जाम खोलने के लिए काफी मशक्कत की, लेकिन आक्रोशित महिलाओं ने साफ कह दिया कि वे किसी भी प्रशासनिक खोखले आश्वासन के झांसे में नहीं आने वाली हैं। महिलाओं ने दो टूक शब्दों में कहा जब तक शराब दुकान सील नहीं होती और कलेक्टर साहब खुद आकर गारंटी नहीं देती, हम सड़क से एक इंच भी पीछे नहीं हटेंगे।
जिला प्रशासन में हड़कंप अपर कलेक्टर पहुंचे
चक्काजाम और महिलाओं के उग्र रुख की खबर से जिला मुख्यालय और प्रशासनिक गलियारों में हड़कंप मच गया। मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए जिला प्रशासन की ओर से अपर कलेक्टर मुंगवानी रोड में घटना स्थल पहुंचे और मोर्चा संभाला। वही एसडीएम ने आंदोलित महिलाओं के प्रतिनिधिमंडल से सीधी बातचीत की और उन्हें आश्वस्त करने की कोशिश की। काफी बहस और मान-मनौव्वल के बाद महिलाओं ने प्रशासन का पक्ष सुनते हुए सीधी मांग की यह जमीन दान की है वह ऐसे गंदे धंधे के लिए नही है, महिलाएं इस शराब दुकान खुलने से असुरक्षित महसूस कर रही है और उनके बच्चे का भी नशे में लिप्त होने का खतरा बढ़ जाएगा। इस लिए यह शराब दुकान नही खुलेगी, मातृशक्ति ने यह स्पष्ट कर दिया हम कानून का सम्मान करते है लेकिन कानून हमारी भावनाओ का भी सम्मान करें।

जनभावनाओं से खिलवाड़ पड़ा भारी, समाचार लिखे जाने तक डटी हैं महिलाएं
भैरोगंज का यह आंदोलन इस बात का जीवंत उदाहरण है कि जब प्रशासन जनता की जायज आवाज़ को अनसुना करता है, तो उसका अंजाम कितना खतरनाक हो सकता है। समाचार लिखे जाने तक मुंगवानी रोड पर तनावपूर्ण शांति बनी हुई थी। महिलाएं सड़क पर ही डटी हुई थीं और अपनी मांगों को लेकर अड़ी हुई थीं। स्थानीय नागरिकों का कहना है कि भैरोगंज जैसे शांत और प्रतिष्ठित क्षेत्र में शराब दुकान खोलकर प्रशासन ने असामाजिक तत्वों को न्योता देने का काम किया था, जिसे क्षेत्र की महिलाएं और नागरिक किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं करेंगे। अब देखना यह होगा कि जिला प्रशासन महिलाओं की इस न्यायसंगत मांग पर कब तक अंतिम लिखित आदेश जारी करता है या फिर यह जनाक्रोश और बड़ा रूप अख्तियार करता है।
मुंगवानी रोड पूरी तरह ब्लॉक
शराब दुकान में तोड़फोड़ और आगजनी के बाद महिलाओं ने पत्थरों, लकड़ी के लट्ठों और खुद बैठकर मुंगवानी रोड पर चक्काजाम कर दिया। इसके चलते सड़क के दोनों ओर वाहनों की लंबी-लंबी कतारें लग गईं और पूरा आवागमन पूरी तरह ठप्प हो गया।
महिलाओं की शर्तें और मांगें
- दुकान की तत्काल सीलिंग: मुंगवानी रोड (भैरोगंज) पर अवैध और जनविरोधी तरीके से खोली गई वर्तमान शराब दुकान को तुरंत प्रभाव से सील किया जाए।
- भविष्य के लिए लिखित आश्वासन: जिला आबकारी अधिकारी और कलेक्टर की ओर से लिखित में यह आधिकारिक गारंटी दी जाए कि भविष्य में कभी भी भैरोगंज की पावन विद्या भूमि और रिहाइशी इलाके में कोई शराब दुकान विस्थापित या संचालित नहीं की जाएगी।
- लापरवाह अधिकारियों पर कार्रवाई: जनभावनाओं की अनदेखी कर रातों-रात दुकान खुलवाने वाले आबकारी अधिकारियों पर जवाबदेही तय हो।
| विद्या भूमि पर मदिरा का दाग, आक्रोश की पूरी क्रोनोलॉजी | रणचंडी बनीं महिलाएं, तोड़फोड़ के बाद फूंक दी शराब की बोतलें | प्रशासन की हठधर्मिता और रातों-रात साजिश |
| सिवनी का भैरोगंज क्षेत्र न केवल शहर का हृदय स्थली है, बल्कि यह क्षेत्र अपनी शैक्षणिक गतिविधियों और शांतिप्रिय माहौल के लिए विद्या भूमि और आध्यात्म के रूप में जाना जाता है। इस क्षेत्र में दलसागर-बी की शराब दुकान को विस्थापित करने की योजना प्रशासन लंबे समय से बना रहा था। | आक्रोशित महिलाओं का रूप देखकर ठेकेदार के कारिंदे मौका पाकर भाग खड़े हुए। गुस्साई महिलाओं ने दुकान के ताले और शटर पर हमला बोल दिया और अंदर रखी शराब की पेटियों और बोतलों को बाहर खींच निकाला। | जनभावनाओं और महिलाओं के भारी विरोध को पूरी तरह दरकिनार करते हुए प्रशासन ने अपनी मनमानी जारी रखी। आरोप है कि आबकारी विभाग की साठगांठ से शराब ठेकेदार ने रातों-रात मुंगवानी रोड पर दुकान का सेटअप खड़ा कर दिया और अलसुबह दुकान खोल दी। |
| सड़क पर उतरी मातृशक्ति | पहले भी जताया था कड़ा विरोध | आग के हवाले की शराब |
| सुबह जैसे ही क्षेत्र की महिलाओं को पता चला कि मनाही के बावजूद उनके घर और बच्चों के स्कूल-कॉलेजों के पास शराब दुकान शुरू कर दी गई है, उनका सब्र का बांध टूट गया। सैकड़ों की संख्या में महिलाएं मुंगवानी रोड पर इकट्ठा हो गईं और सीधे दुकान पर धावा बोल दिया। | भैरोगंज के नागरिकों और स्थानीय महिलाओं को जैसे ही इस बात की भनक लगी थी कि क्षेत्र में शराब दुकान विस्थापित की जा रही है, उन्होंने तत्काल इसका विरोध किया था। प्रशासन और आबकारी विभाग को ज्ञापन सौंपकर चेतावनी दी गई थी कि रिहाइशी और शैक्षणिक माहौल वाले इस क्षेत्र में मदिरा दुकान किसी भी कीमत पर स्वीकार नहीं की जाएगी। | महिलाओं ने सड़क के बीचों-बीच शराब की दर्जनों बोतलें पटकीं और उनमें आग लगा दी। जलती शराब की लपटों के साथ महिलाओं ने प्रशासन और आबकारी विभाग के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। |

