20 साल पुराने कारोबार पर लगा ब्रेक, नेपाल सीमा पर किसानों का जोरदार विरोध

Rashtrabaan News Desk
Highlights
  • नेपाल सशस्त्र पुलिस ने व्यावसायिक मात्रा में भारतीय सब्जियों की बिक्री पर लगाई रोक, सीमा पर फंसे किसानों के वाहन
  • 20-25 वर्षों से नेपाल के बाजारों में सब्जियां बेच रहे किसानों ने जताई नाराजगी, प्रतिबंध हटाने की मांग को लेकर किया प्रदर्शन

    मधुबनी, राष्ट्रबाण। भारत-नेपाल सीमा पर भारतीय सब्जियों की व्यावसायिक बिक्री पर रोक लगाए जाने के विरोध में शनिवार को मधुबनी जिले के किसानों ने जमकर प्रदर्शन किया। जयनगर थाना क्षेत्र के बेतौंहा गांव स्थित माड़र बॉर्डर कस्टम चेक पोस्ट पर किसानों ने सुबह 10 बजे से दोपहर 2 बजे तक सड़क जाम रखा। इस दौरान बेतौंहा-माड़र और हथलेटवा बॉर्डर पर भी आवागमन ठप रहा। दोनों देशों की सीमा पर सैकड़ों लोग फंसे रहे। किसानों के अनुसार, वे पिछले 20-25 वर्षों से परवल, भिंडी, बैंगन, टमाटर और अन्य हरी सब्जियां नेपाल के माड़र, लहान और सिरहा बाजारों में बेचते आ रहे हैं।

    शनिवार को नेपाल सशस्त्र पुलिस बल (एपीएफ) ने व्यावसायिक मात्रा में भारतीय सब्जियां ले जाने पर रोक लगा दी, जिससे किसानों की सब्जियां सीमा पर ही फंस गईं। किसानों ने इससे भारी आर्थिक नुकसान की आशंका जताई। सूचना मिलने पर एसएसबी की 48वीं बटालियन के बेतौंहा बीओपी इंस्पेक्टर एमएस विश्वकर्मा और नेपाल एपीएफ के डीएसपी पादम खाड़क जवानों के साथ मौके पर पहुंचे। दोनों देशों के अधिकारियों ने किसानों से बातचीत कर उन्हें समझाया। इसके बाद दोपहर करीब 2 बजे जाम समाप्त हुआ और आवागमन बहाल हो गया। नेपाल एपीएफ के डीएसपी पादम खाड़क ने बताया कि नेपाली किसानों को नुकसान से बचाने के लिए व्यावसायिक मात्रा में भारतीय सब्जियों के आयात पर रोक लगाई गई है। हालांकि, घरेलू उपयोग के लिए 10 से 20 किलो तक सब्जियां ले जाने की छूट है। किसानों का कहना है कि नेपाल के नजदीकी बाजारों पर उनकी आजीविका निर्भर है। उन्होंने प्रतिबंध हटाने की मांग की है। फिलहाल सीमा पर यातायात सामान्य हो गया है, लेकिन सब्जियों की बिक्री पर रोक को लेकर किसानों में नाराजगी बनी हुई है।

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