चार राज्यों की 28 विधान परिषद सीटों पर मतगणना जारी, सपा ने उठाए सवाल

Rashtrabaan News Desk
Highlights
  • सपा प्रत्याशियों ने चुनावी प्रक्रिया और शिक्षकों के मुद्दों को लेकर रखी अपनी बात
  • कहीं मतगणना पर सवाल, तो कहीं जीत का भरोसा; चार राज्यों के चुनावी नतीजों पर नजरें

    नई दिल्ली। बिहार, उत्तर प्रदेश, कर्नाटक और महाराष्ट्र की विधान परिषद की 28 सीटों पर मंगलवार सुबह से ही मतगणना जारी है। इन चुनावों में राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) और विपक्षी दलों के बीच मुकाबले के बीच कुछ निर्वाचन क्षेत्रों में आरोप-प्रत्यारोप भी सामने आए हैं। उत्तर प्रदेश के आगरा में समाजवादी पार्टी के प्रत्याशी ने मतगणना प्रक्रिया पर सवाल उठाए हैं, जबकि गोरखपुर में पार्टी के उम्मीदवार ने अपनी जीत का भरोसा जताया है। चारों राज्यों की इन सीटों के नतीजों पर राजनीतिक दलों की नजरें टिकी हैं।
    बिहार में विधान परिषद की आठ सीटों पर मतगणना हो रही है। इनमें चार स्नातक और चार शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र हैं। स्नातक सीटों में पटना, दरभंगा, तिरहुत और कोसी शामिल हैं, जबकि शिक्षक निर्वाचन क्षेत्रों में पटना, दरभंगा, तिरहुत और सारण की सीटें हैं।
    कर्नाटक की चार सीटों में दो स्नातक और दो शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र शामिल हैं। महाराष्ट्र की पांच सीटों में तीन स्नातक और दो शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र हैं। स्नातक सीटों में औरंगाबाद, पुणे और नागपुर मंडल शामिल हैं। वहीं, उत्तर प्रदेश की 11 सीटों में पांच स्नातक और छह शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र हैं।
    आगरा में सपा प्रत्याशी आकाश अग्रवाल ने रिटर्निंग ऑफिसर पर जरूरी जानकारी उपलब्ध नहीं कराने का आरोप लगाया है। उनका कहना है कि मतपत्रों पर पीठासीन अधिकारी के हस्ताक्षर नहीं होने का मुद्दा उठाने के बावजूद उन्हें संतोषजनक जवाब नहीं मिला। अग्रवाल ने मतपत्रों की संख्या में अंतर की स्थिति का उदाहरण देते हुए कहा कि यदि फॉर्म-16 में मतदाताओं की संख्या कुछ और दर्ज हो, जबकि मतपेटी में उससे अधिक मतपत्र मिलें, तो निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार ऐसे मतपत्रों को अलग रखा जाना चाहिए। उन्होंने चुनाव आयोग की व्यवस्था पर भी सवाल उठाए। अग्रवाल ने आरोप लगाया कि शिक्षकों के निर्वाचन क्षेत्र का चुनाव तीन स्थानों पर कराया गया और इसे शिक्षकों की गरिमा व सम्मान को ठेस पहुंचाने वाला बताया। ये आरोप सपा प्रत्याशी की ओर से लगाए गए हैं।
    गोरखपुर में सपा उम्मीदवार संजय त्रिपाठी ने अपनी जीत को लेकर विश्वास जताया है। उन्होंने दावा किया कि पिछले चुनाव की तुलना में इस बार लगभग 9 से 10 प्रतिशत अधिक मतदान हुआ है। उनके अनुसार, चुनाव प्रचार के दौरान उन्होंने शिक्षकों से जुड़े मुद्दों को प्रमुखता से उठाया। त्रिपाठी ने पुरानी पेंशन योजना बहाल करने और बिना सरकारी सहायता वाले संस्थानों में कार्यरत शिक्षकों को सम्मानजनक मानदेय देने की मांग को अहम बताया। उनका कहना है कि शिक्षकों के हितों से जुड़े ये मुद्दे उनके चुनावी अभियान का प्रमुख हिस्सा रहे हैं।

    error: Content is protected !!