‘न्यूज चैनल वालों से बात की है क्या?’ राहुल गांधी के मामले पर CJI की टिप्पणी

Rashtrabaan News Desk
Highlights
  • अगस्त 2026 में सुप्रीम कोर्ट ने सीबीआई और ईडी की जांच के आदेश पर लगाई थी अंतरिम रोक, मामले में पहले भी उठ चुके हैं कानूनी सवाल
  • CJI सूर्यकांत ने मामले के उल्लेख के औचित्य पर सवाल उठाए, अदालत में मेंशनिंग प्रक्रिया पर हुई चर्चा

    नई दिल्ली। सुप्रीम कोर्ट में मंगलवार को लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के खिलाफ आय से अधिक संपत्ति के आरोपों से जुड़े मामले का उल्लेख करने पर एक वकील को मुख्य न्यायाधीश (सीजेआई) सूर्यकांत की नाराजगी का सामना करना पड़ा। वकील मामले को सुनवाई के लिए सूचीबद्ध कराने की मांग कर रहे थे। इस दौरान सीजेआई ने मामले का उल्लेख करने के आधार पर सवाल उठाते हुए पूछा, कोई न्यूज चैनल वालों से बात की है क्या इसके लिए?
    इसी के साथ ही सीजेआई सूर्यकांत ने कहा, मामले को उठाने के पीछे न तो कोई स्पष्ट आधार नजर आ रहा है और न ही कोई ठोस निष्कर्ष। इसी दौरान उन्होंने अदालत के कर्मचारियों को आगे से मामलों की मेंशनिंग की लाइव स्ट्रीमिंग बंद करने का निर्देश भी दिया। मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, सुनवाई के दौरान वकील ने राहुल गांधी के एक हालिया कार्यक्रम में दिए गए कथित बयान का हवाला दिया। उन्होंने दावा किया कि राहुल गांधी ने प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) और केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) के करीब 200 अधिकारियों के संपर्क में होने की बात कही थी। वकील इसी आधार पर राहुल गांधी के खिलाफ संपत्ति से जुड़े मामले को सुनवाई के लिए सूचीबद्ध कराना चाहते थे।
    इस पर सीजेआई सूर्यकांत ने मामले के उल्लेख के औचित्य पर सवाल उठाया। उनकी टिप्पणी के बाद अदालत में मामलों को जल्द सुनवाई के लिए सूचीबद्ध कराने की प्रक्रिया और उसकी लाइव स्ट्रीमिंग को लेकर चर्चा शुरू हो गई। यहां बताते चलें कि राहुल गांधी की संपत्ति की जांच से जुड़ा मामला पहले भी सुप्रीम कोर्ट पहुंच चुका है। अगस्त 2026 में शीर्ष अदालत ने इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ पीठ के उस आदेश पर अंतरिम रोक लगा दी थी, जिसमें सीबीआई और ईडी को राहुल गांधी की संपत्ति की जांच करने के निर्देश दिए गए थे। सुप्रीम कोर्ट ने इस बात पर सवाल उठाया था कि राहुल गांधी को सुने बिना हाईकोर्ट ने ऐसा आदेश कैसे पारित किया। शीर्ष अदालत ने सीबीआई और ईडी को भी निर्देश दिया था कि वे फिलहाल इस मामले में हाईकोर्ट के समक्ष कोई रिपोर्ट दाखिल न करें।
    यह मामला कर्नाटक के भाजपा कार्यकर्ता विग्नेश शिशिर की शिकायत से शुरू हुआ था। शिकायतकर्ता ने राहुल गांधी की संपत्ति को लेकर कई आरोप लगाए थे। मामले में अदालत ने शिकायतकर्ता, सीबीआई और ईडी से जवाब मांगा था। राहुल गांधी ने इलाहाबाद हाईकोर्ट के आदेश को चुनौती देते हुए मामले को दिल्ली हाईकोर्ट में स्थानांतरित करने की मांग भी की थी। मंगलवार की सुनवाई के दौरान सीजेआई की टिप्पणी और मेंशनिंग की लाइव स्ट्रीमिंग बंद करने के निर्देश ने इस मामले को फिर चर्चा में ला दिया।

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