जबलपुर। मध्य प्रदेश हाईकोर्ट में सात नए न्यायाधीशों की नियुक्ति का रास्ता साफ हो गया है। सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम ने सोमवार को हुई बैठक में सात अधिवक्ताओं को हाईकोर्ट का न्यायाधीश नियुक्त करने की सिफारिश को मंजूरी दे दी। इन नियुक्तियों से न्यायालय में लंबित मामलों के निपटारे में तेजी आने की उम्मीद है।
कॉलेजियम ने इंदौर के डॉ. विवेक शरण और भक्ति व्यास, ग्वालियर के राजेश कुमार शुक्ला तथा जबलपुर के कनक गहरवार उर्फ कनक लता सिंह, श्रेयस पंडित और अविनाश जरगर के नामों की सिफारिश की है। इनके अलावा नई दिल्ली के मृणाल एलकर उर्फ मृणाल मजुमदार को भी न्यायाधीश बनाने की अनुशंसा की गई है।
मध्य प्रदेश हाईकोर्ट में न्यायाधीशों के कुल 53 पद स्वीकृत हैं। वर्तमान में 38 न्यायाधीश कार्यरत हैं, जबकि 15 पद रिक्त हैं। सात नए न्यायाधीशों की नियुक्ति के बाद कार्यरत न्यायाधीशों की संख्या बढ़कर 45 हो जाएगी। इसके बावजूद आठ पद खाली रहेंगे।
कॉलेजियम की सिफारिश के बाद अब नियुक्ति की प्रक्रिया आगे बढ़ेगी। केंद्र सरकार के विधि मंत्रालय और राष्ट्रपति स्तर पर आवश्यक औपचारिकताएं पूरी होने के बाद नियुक्ति की अधिसूचना जारी की जाएगी। इसके बाद सातों अधिवक्ता शपथ लेकर न्यायाधीश के रूप में कार्यभार संभाल सकेंगे।नए न्यायाधीशों की नियुक्ति से हाईकोर्ट को मामलों की सुनवाई और लंबित मुकदमों के निपटारे में राहत मिलने की उम्मीद है।
मध्य प्रदेश हाईकोर्ट में 7 नए जजों की नियुक्ति का रास्ता साफ

Highlights
- सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम ने सात अधिवक्ताओं को न्यायाधीश बनाने की सिफारिश को दी मंजूरी, नियुक्ति प्रक्रिया जल्द होगी पूरी
- मध्य प्रदेश हाईकोर्ट में जजों की संख्या 38 से बढ़कर 45 होगी, इसके बाद भी आठ पद रहेंगे रिक्त
