मुंबई। मंगलवार को मध्य रेलवे की लोकल ट्रेन सेवाएं बुरी तरह प्रभावित हुईं। कांजुरमार्ग के सिग्नलिंग रूम में आग लगने और मुलुंड-ठाणे के बीच ओवरहेड बिजली के तारों में खराबी के कारण हजारों यात्रियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। हालात ऐसे हो गए कि 80 लोकल ट्रेन सेवाएं रद्द करनी पड़ीं, जबकि कई ट्रेनें 90 मिनट तक की देरी से चलीं। इस बीच, सोमवार को रेलवे ट्रैक पर तीन लोगों के शव मिलने से भी चिंता और बढ़ गई है।
सुबह करीब 9:30 बजे कांजुरमार्ग स्टेशन के सिग्नलिंग रिले रूम में शॉर्ट सर्किट की आशंका के बीच आग लग गई। इससे कम से कम 24 सिग्नल काम करना बंद कर गए, जिससे ट्रेनों की रफ्तार धीमी हो गई। वहीं, मुलुंड और ठाणे के बीच ओवरहेड बिजली के तारों पर कोई बाहरी वस्तु गिरने से इंसुलेटर फट गया, जिससे डाउन लाइन पर सेवाएं बाधित हुईं। इस अव्यवस्था के कारण यात्री घंटों इंतजार करते रहे, और कुछ तो स्टेशनों तक पहुंचने के लिए पटरियों पर पैदल चलने लगे। यात्री संघों ने रेलवे की रखरखाव व्यवस्था और समय पर घोषणाओं की कमी पर सवाल उठाए।
ट्रैक पर मिले तीन शवों में से एक 21 वर्षीय साहिल थिते था, जो सोमवार शाम भांडुप स्टेशन पर ट्रैक पार करते समय एक एसी लोकल ट्रेन की चपेट में आ गया। कुर्ला सरकारी रेलवे पुलिस (जीआरपी) ने इसे रेलवे ट्रैक पर अनधिकृत रूप से जाने से जुड़ी मौत बताया। इसके अलावा, सोमवार को ही घाटकोपर और विक्रोली के बीच रेलवे ट्रैक पर दो और अज्ञात शव मिले, जिनकी पहचान नहीं हो सकी है। मध्य रेलवे ने आग लगने के सटीक कारणों का पता लगाने के लिए एक जांच समिति गठित की है। शुरुआती जांच में बिजली के वोल्टेज में अचानक बढ़ोतरी और स्पार्किंग को आग की वजह माना जा रहा है। शाम 4:10 बजे से ट्रेन सेवाएं धीरे-धीरे बहाल होनी शुरू हुईं, और शाम 6:18 बजे तक सभी प्रभावित लाइनें परिचालन के लिए खुल गईं। हालांकि, इस दौरान हुई असुविधा और जानमाल के नुकसान ने मुंबई के लोकल यात्रियों के लिए एक मुश्किल दिन बना दिया।
मुंबई लोकल पर संकट, 80 ट्रेनें रद्द; यात्री परेशान

Highlights
- कांजुरमार्ग के सिग्नलिंग रूम में आग और मुलुंड-ठाणे के बीच बिजली की खराबी से लोकल सेवाएं प्रभावित, कई ट्रेनें 90 मिनट तक लेट
- रेलवे ट्रैक पर तीन शव मिलने से बढ़ी चिंता, जांच समिति गठित; शाम तक धीरे-धीरे बहाल हुईं ट्रेन सेवाएं
